PMAY: प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर 69 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले का मामला सामने आया है। ये स्कैम गुरुग्राम आधारित रियल एस्टेट कंपनी के प्रमोटर स्वराज सिंह यादव से जुड़ा है।
PMAY Scam
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर 69 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला हाल ही में सुर्खियों में आया है। ये खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा किया गया। जब ED ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक चार्जशीट दाखिल की।
PMAY Scam का मुख्य आरोपी और मामले से जुड़ा पूरा विवरण
मामला Ocean Seven Buildtech Pvt Ltd (गुरुग्राम आधारित रियल एस्टेट कंपनी) के प्रमोटर स्वराज सिंह यादव और इससे जुड़ी कंपनियों से जुड़ा है। कंपनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)के तहत गुरुग्राम में सस्ते/किफायती आवास प्रोजेक्ट्स शुरू किए थे। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों से घरों के लिए पैसे जमा कराए गए, लेकिन फंड्स का गबन कर लिया गया।
PMAY के नाम पर घोटाले का तरीका
- PMAY के तहत आवंटन को मनमाने ढंग से रद्द कर दिया जाता था।
- बाद में वही फ्लैट्स प्रीमियम कीमत पर दोबारा बेचे जाते थे। जिसकी मूल कीमत 26.5 लाख से बढ़ाकर 40-50 लाख तक की गई।
- होमबायर्स से जमा पैसे प्रोजेक्ट निर्माण के बजाय व्यक्तिगत इस्तेमाल, लग्जरी खर्च, और अन्य प्रॉपर्टी खरीद में लगा दिए गए।
PMAY के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग
ED की जांच में अब तक 69.02 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता चला है। यह राशि आगे बढ़ सकती है क्योंकि जांच जारी है। पैसे को कई कंपनियों (जैसे KTP Infratech Pvt Ltd) के जरिए रूट करके लॉन्ड्रिंग की गई। इससे अचल संपत्तियां (इमूवेबल प्रॉपर्टी), लग्जरी खर्च और पर्सनल इन्वेस्टमेंट किए गए।
ED की कार्रवाई
13 नवंबर 2025 को दिल्ली और गुरुग्राम में कई जगहों पर छापेमारी की गई, जहां दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 86 लाख कैश जब्त हुआ। 5 जनवरी 2026 को स्वराज यादव और जुड़ी संस्थाओं की 51.57 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गईं। जिसमें विला, होटल, रिसॉर्ट और जमीन शामिल हैं।
यह मामला दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की कई FIRs पर आधारित है, जिसमें cheating, criminal breach of trust, forgery और financial fraud के आरोप हैं।
देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था आरोपी
मामला Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत दर्ज है। ED ने स्वराज सिंह यादव को मुख्य आरोपी बताया है, जो स्कीम का “मास्टरमाइंड” था। जांच में पता चला कि उनकी पत्नी अगस्त 2025 में अमेरिका चली गईं। वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, बोस्टन में रह रही हैं। आरोपी देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था।
परावर्तन निदेशालय की जांच जारी
यह घोटाला PMAY योजना के उद्देश्य (गरीबों को सस्ता आवास) के ठीक उलट है। जहां निर्दोष होमबायर्स ठगे गए। ED ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और अन्य आरोपियों/कंपनियों को भी जल्द गिरफ्त में लिया जाएगा।





