Kuldeep Singh Sengar Case in Supreme Court

Kuldeep Singh Sengar की रिहाई के खिलाफ CBI ने SC में अपील करने का फैसला लिया

Kuldeep Singh Sengar Case : 2017 के उन्नाव रेप मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को हाई कोर्ट ने निलंबित कर दिया है। जिसके बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है।

रेप के आरोपी कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित

सीबीआई ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में निष्कासित भारतीय जनता पार्टी नेता कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने का फैसला किया है।

Kuldeep Singh Sengar Case का पूरा विवरण

2017 उन्नाव बलात्कार मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल केस है, जिसमें तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) पर एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। यह घटना जून 2017 में हुई, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि सेंगर और उनके सहयोगियों ने उसका अपहरण कर बलात्कार किया।

मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने Kuldeep Singh Sengar को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सेंगर को भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। इस मामले में पीड़िता के परिवार को धमकियां मिलीं और कई संबंधित घटनाएं हुईं, जैसे पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत और एक सड़क दुर्घटना जिसमें पीड़िता घायल हुई।

कुलदीप सिंह को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

23 दिसंबर 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया। उन्हें अपील लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने सेंगर को 10 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें जमा करने का निर्देश दिया।

हालांकि, अदालत ने कुछ शर्तें लगाईं, जैसे Kuldeep Singh Sengar को उन्नाव नहीं जाना, पीड़िता या उसके परिवार से संपर्क नहीं करना और पासपोर्ट सरेंडर करना। यह फैसला सेंगर की अपील पर सुनवाई के दौरान आया। जिसमें उन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि अपील की सुनवाई में समय लग सकता है, इसलिए सजा को सस्पेंड किया गया।

सीबीआई का SC में अपील का फैसला

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने का निर्णय लिया है। सीबीआई का कहना है कि सेंगर की रिहाई से पीड़िता की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, क्योंकि सेंगर एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और पहले भी पीड़िता के परिवार को धमकियां दी गई हैं। सीबीआई जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही है। यह कदम पीड़िता की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।

उन्नाव रेप पीड़िता की Kuldeep Singh Sengar की रिहाई पर प्रतिक्रिया

इस फैसले के बाद पीड़िता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और अपनी सुरक्षा के लिए सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि सेंगर की रिहाई से उन्हें और उनके परिवार को खतरा है। यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि सेंगर पूर्व भाजपा नेता हैं। विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना की है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में इस पर व्यापक चर्चा हो रही है। जहां कुछ लोग देश की  न्याय व्यवस्था पर सवाल उठा रहे।

Kuldeep Singh Sengar की रिहाई का मामला

आज 25 दिसंबर 2025 को Kuldeep Singh Sengar को जमानत पर रिहा किया जा सकता है। लेकिन सीबीआई की अपील से सुप्रीम कोर्ट इस पर हस्तक्षेप कर सकता है। मामला अभी लंबित है और आगे की सुनवाई पर निर्भर करेगा। यह केस महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक प्रभाव वाले Kuldeep Singh Sengar जैसे अपराधियों के खिलाफ न्याय की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

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