SAED on Petrol and Diesel: भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर Special Additional Excise Duty पर बड़ी कटौती का ऐलान किया है। जानिए सरकार के इस कदम का किसे फायदा होगा।
SAED: पेट्रोल-डीजल पर सरकार का फैसला क्या है ?
सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। SAED में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है। जबकि डीजल पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह शून्य कर दिया है। जो पहले 10 रुपए प्रति लीटर था वो अब शून्य हो गया है। यह कटौती केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) का हिस्सा है। जो तेल रिफाइनरी और तेल कंपनियों द्वारा भुगतान किया जाता है।
SAED घटाने का सरकार ने क्यों लिया फैसला ?
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जो बैरल 70 डॉलर में मिलता था वो अब 122 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी एशिया में तनाव है। खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष और जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) पर संकट है, जो भारत को कच्चे तेल 12-15% रास्ता है। इससे OMC की IOC, BPCL HPCL और ONGC जैसी तेल कंपनियों को भारी नुक्सान हो रहा है। इन कंपनियों को पेट्रोल पर 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर घाटा हो रहा है। सरकार ने उपभोक्ताओं पर बोझ न बढ़ने देने के लिए अपना राजस्व बलिदान किया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी का ब्यान
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने पेट्रोल-डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने अपने राजस्व पर बड़ा झटका झेलकर तेल कंपनियों के भारी नुक्सान को कम किया है। उन्होंने अंतराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और अन्य देशों में 20 से 50 प्रतिशत कीमत बढ़ने का जिक्र भी किया। सरकार का मकसद आम आदमी को राहत देना और ईंधन आपूर्ति स्थिर रखना है। देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने पैनिक खरीदारी न करने की अपील भी की है।
विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) घटाने से आम उपभोक्ताओं को कितना लाभ होगा ?
शुल्क घटाने से पेट्रोल और डीजल की सीधी कीमत में कमी नहीं आई है। रिटेल पेट्रोल डीजल की कीमतें अभी भी बदली नहीं हैं। केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती का फायदा कीमतें स्थिर रखने के लिए हो रहा है न कि उन्हें घटाने में। बिना इस कटौती के अंतराष्ट्रीय कीमतों के कारण तेल के दाम 10 रुपए या इससे ज्यादा प्रति लीटर बढ़ सकते थे। सरकार ने इसे रोककर उपभोक्ताओं को 10 रुपए प्रति लीटर तक का संभावित बोझ कम किया है।
नयारा एनर्जी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम
कुछ Nayara Energy जैसी कंपनियों ने पहले ही दाम बढ़ाए थे, लेकिन सार्वजनिक आयल मार्केटिंग कंपनियों ने अभी भी दाम स्थिर रखे हुए हैं। कुल मिलाकर यह कीमत वृद्धि रोकने वाली राहत है न कि तुरंत सस्ता ईंधन देने वाली। इसमें राज्य सरकार का वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) अलग से होता है। इसलिए अंतिम लाभ राज्य सरकार पर निर्भर करता है।
तेल कंपनियों को प्रति लीटर कितना लाभ होगा ?
तेल कंपनियों सीधा 10 रुपए प्रति लीटर लाभ होगा। उत्पाद शुल्क कटौती से तेल कंपनियों की लागत काम हुई है। वे पहले कच्चे तेल की भारी कीमतों के कारण भारी घाटा उठा रही थीं। कंपनियां पेट्रोल पर 24 और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर घाटा उठा रही थीं। अब अब घाटा 10 रुपए प्रति लीटर कम हो गया है। इससे कंपनियों के मार्जिन सुधरेंगे, नुक्सान कम होगा। ईंधन सप्लाई बिना रुकावट जारी रहेगी।
सरकार का ये कदम आम उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए और ईंधन की सप्लाई को सुचारु रूप से चलाने के लिए उठाया गया है। लेकिन इससे भारत सरकार पर राजस्व का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। स्थिति सामान्य होने तक पेट्रोल और डीजल तथा अन्य पेट्रो प्रोडक्ट्स की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा है।




