Tabu gets major relief from the Delhi High Court

Tabu को Delhi High Court से मिली बड़ी राहत, अश्लील कंटेंट से जुड़ा है मामला

Tabu gets major relief from the Delhi High Court: बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अश्लील और AI जनरेटेड फर्जी कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश।

Tabu के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री तब्बू (Tabu) को अपने नाम, पहचान और पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। गुरुवार को जस्टिस ज्योति सिंह की एकल पीठ ने अभिनेत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तब्बू से जुड़े अश्लील, आपत्तिजनक तथा एआई (AI) निर्मित फर्जी कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए।

अदालत ने स्पष्ट कहा कि चिन्हित किए गए आपत्तिजनक लिंक और सामग्री को हटाया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को तय की गई है।

Tabu की याचिका क्या थी ?

तब्बू ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी पर्सनैलिटी राइट्स और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि उनके नाम, छवि, रूप-आकृति और अन्य पहचान संबंधी विशेषताओं का बिना अनुमति के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक दुरुपयोग हो रहा है। विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री, डीपफेक वीडियो और एआई जनरेटेड फर्जी कंटेंट फैलाया जा रहा है, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।

याचिका में कहा गया कि कई जगह उनके नाम को पोर्नोग्राफिक सर्च टर्म्स के साथ जोड़कर सामग्री अपलोड की जा रही है। कुछ प्लेटफॉर्म्स इस तरह की खोजों से लाभ भी कमा रहे हैं। अभिनेत्री ने कोर्ट से मांग की थी कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, रेडिट समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ऐसी सामग्री तुरंत हटाई जाए और भविष्य में भी उनके व्यक्तित्व का दुरुपयोग रोका जाए।

जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान कुछ लिंक की सूची पर गौर किया और टिप्पणी की कि इन्हें हटाया जाना जरूरी है। अदालत ने इस तरह के मामलों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने पर भी विचार करने का संकेत दिया, ताकि व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन वाले मामलों को तेजी से और प्रभावी तरीके से निपटाया जा सके।

पर्सनैलिटी राइट्स क्या होते हैं?

पर्सनैलिटी राइट्स या व्यक्तित्व अधिकार किसी व्यक्ति को उसके नाम, चेहरे, आवाज, छवि और अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं के व्यावसायिक या गैर-व्यावसायिक इस्तेमाल पर नियंत्रण का अधिकार देते हैं। भारत में ये अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 (निजता और गरिमा का अधिकार) तथा सामान्य कानून के सिद्धांतों पर आधारित हैं। हाल के वर्षों में एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डीपफेक और फर्जी कंटेंट के मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट ने कई हस्तियों को ऐसी राहत दी है।

अन्य हस्तियों को भी मिली है राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले भी कई सेलिब्रिटीज, खिलाड़ियों और सार्वजनिक हस्तियों के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए इसी तरह के आदेश जारी किए हैं। इनमें युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा, सोनम कपूर, अरजुन कपूर, सोनक्षी सिन्हा, वरुण धवन, सलमान खान, अक्षय कुमार, करण जौहर, बाबा रामदेव, श्री श्री रवि शंकर जैसे नाम शामिल हैं। इन मामलों में भी अदालत ने एआई जनरेटेड अश्लील सामग्री, फर्जी एंडोर्समेंट और बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।

तब्बू की याचिका पर सुनवाई के दौरान प्लेटफॉर्म्स की ओर से भी दलीलें पेश की गईं। कुछ पक्षकारों ने कहा कि कुछ क्लिप्स अभिनेत्री की अपनी फिल्मों या सीरीज से लिए गए हैं, जिनमें कोई मॉडिफिकेशन या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल नहीं हुआ। हालांकि अदालत ने आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को हटाने पर जोर दिया।

यह मामला डिजिटल युग में सेलिब्रिटीज की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। एआई टूल्स के जरिए आसानी से फर्जी वीडियो और इमेज बनाने की सुविधा के कारण ऐसे विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के इस रुख से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में भी व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन वाले मामलों में सख्ती बरती जाएगी।

अदालत का विस्तृत आदेश जल्द अपलोड होने की उम्मीद है, जिसके बाद प्लेटफॉर्म्स को चिन्हित सामग्री हटाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। तब्बू की कानूनी टीम ने इस राहत का स्वागत किया है और कहा है कि यह उनके व्यक्तित्व की गरिमा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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