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कोरोनावायरस का सामुदायिक प्रसार रोकने के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

Arvind Kejriwal Government's big decision to stop community spread of coronavirus

सीएम अरविंद केजरीवाल

जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन के बाद अब कोरोना वायरस के खिलाफ दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी जिलाधिकारियों को एक मार्च के बाद विदेशों से भारत लौटे लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी है।

भारत सरकार का आंकड़ा

भारत सरकार की वेबसाइट के अनुसार अब तक सभी हवाई अड्डों पर 1517327 यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। भारत में COVID-19′ से संक्रमित लोगों की संख्या 329 है। कोरोना वायरस से संक्रमित 23 लोग ठीक हो गए हैं। इस बीमारी की वजह से देश में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और एक को माइग्रेट कर दिया गया है।

राज्यों को किया लॉकडाउन

इस वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें पूर्ण रूप से एक्टिव हो गई हैं। इससे पहले देश में ये महामारी खतरनाक रूप न ले ले, देश के 22 राज्यों में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है।

जनता कर्फ्यू

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश में रविवार के दिन 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लागू हुआ था। जिसके बाद अब दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस को देश और राजधानी में फैलने से रोकने के लिए दिल्ली राज्य के सभी जिलाधिकारियों को एक मार्च के बाद विदेश से लौटे यात्रियों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी है।

यात्रियों की हुई पहचान

अभी विदेश से लौटे 35 हजार के करीब लोगों की पहचान कर ली गई है। इसके बाद इन लोगों को 14 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। आपको बता दें ,दिल्ली में अब तक कोरोना से संक्रमित 30 मामले दर्ज किए गए हैं ,जिनमें से 23 लोग ऐसे हैं जो विदेश से लौटे हैं और 7 उनके परिवार वाले हैं। इस वायरस से दिल्ली में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।

जल्दी पकड़ में नहीं आता कोरोना वायरस

वहीँ कोरोना के बारे में बात करें तो ,शुरू में सामान्य रिपोर्ट वाले लोग भी बाद में पॉजिटिव पाए जाते हैं। जिसका एक उदाहरण बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति की संपर्क में आने से फैलता है। जिसे छुआछूत की बीमारी भी कहा जा सकता है। अगर भारत में कोरोना वायरस से पीड़ितों की हिस्ट्री को खंगाला जाए तो ये सभी या तो विदेशों से लौटे हैं फिर उनके संपर्क में आए हैं। कुछ केस तो विदेशों से लौटने वालों के परिवारों से भी हैं। इसी वजह से दिल्ली सरकार ने ये ठोस कदम उठाने का फैसला लिया है।

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