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Esha Singh और Manu Bhaker ने ISSF World Cup में बढ़ाया भारत का मान, एक गोल्ड तो दूसरी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता

Esha Singh Manu Bhaker ISSF World Cup

Esha Singh ने हैंगझोऊ ISSF World Cup में गोल्ड मेडल जीता है। वहीं Manu Bhaker ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। ऐसे में भारत का भारत का डबल पोडियम

Esha Singh गोल्ड मेडल और Manu Bhaker ने ब्रॉन्ज मेडल जीता

27 जुलाई 2026 को चीन के हैंगझोऊ में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप (राइफल/पिस्टल/शॉटगन) में भारतीय शूटिंग के लिए एक यादगार दिन रहा। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि पेरिस ओलंपिक की डबल मेडलिस्ट मनु भाकर ने कांस्य पदक हासिल किया। इससे भारत को इस इवेंट में डबल पोडियम फिनिश मिला और देश का मेडल टैली तीन तक पहुंच गया।

ईशा सिंह और Manu Bhaker के मेडल

ईशा सिंह, जो इस साल की शुरुआत में म्यूनिख वर्ल्ड कप में सीनियर और जूनियर दोनों स्तरों पर विश्व रिकॉर्ड (43/50) बना चुकी हैं, फाइनल में पूरी तरह हावी रहीं। उन्होंने 40 में से 40 हिट्स के साथ गोल्ड पक्का किया। चीन की युएयुए झांग (Yueyue Zhang) 37 स्कोर के साथ रजत पदक पर रहीं, जबकि मनु भाकर ने 28 हिट्स के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। मनु को यह पदक उत्तर कोरिया की ह्योन ग्योंग पाक के खिलाफ थ्रिलिंग डबल शूट-ऑफ के बाद मिला।

क्वालिफिकेशन राउंड में दबदबा

क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय निशानेबाजों ने मजबूत प्रदर्शन किया। मनु भाकर ने 586-20x के शानदार स्कोर के साथ टॉप पर रहने का रिकॉर्ड बनाया। ईशा सिंह उनके करीब 585-18x के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और आसानी से आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई। पूर्व एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट राही सरनोबत ने 582-16x स्कोर किया, जबकि सिमरनप्रीत कौर ब्रार (576-20x) और अभिदन्या अशोक पाटिल (573-16x) ने रैंकिंग पॉइंट्स ओनली (RPO) स्टेटस के तहत स्थिर प्रदर्शन दिया।

ईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन

फाइनल में ईशा ने दोनों स्टेजों में अपनी लय बनाए रखी और एलिमिनेशन राउंड्स में आगे निकलकर शानदार जीत दर्ज की। वे 21 वर्ष की हैं और हैदराबाद की रहने वाली हैं। म्यूनिख में विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद उन पर दबाव था, लेकिन उन्होंने इसे अच्छी तरह संभाला। ईशा ने कहा कि पिछले मेडल के कारण यह मैच उनके लिए बहुत दबाव वाला था, फिर भी उन्होंने कमांडिंग डिस्प्ले दिया।

मनु भाकर का प्रदर्शन

मनु भाकर, जो पेरिस 2024 में दो ओलंपिक मेडल जीत चुकी हैं, ने भी मजबूत वापसी की। उन्होंने क्वालिफिकेशन में टॉप किया और फाइनल में कठिन मुकाबले के बावजूद शूट-ऑफ जीतकर पोडियम पर जगह बनाई। यह भारत के लिए खास बात रही कि एक ही इवेंट में दो खिलाड़ियों ने मेडल जीते।

ISSF में भारत का मेडल टैली 

इस सफलता से भारत का हैंगझोऊ में मेडल खाता तीन हो गया। इससे पहले सैयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीता था। मेडल टेबल में भारत अब चीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। चीन ने 14 मेडल (जिनमें छह गोल्ड शामिल) के साथ लीड बनाए रखी है।

ईशा सिंह के मेडल 

ईशा सिंह की यह जीत उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। वे पहले ही एशियन चैंपियन, मिक्स्ड टीम और जूनियर वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। 2025 में काहिरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 25 मीटर पिस्टल में ब्रॉन्ज जीता था। इस सीजन में म्यूनिख में विश्व रिकॉर्ड गोल्ड के बाद हैंगझोऊ में एक और गोल्ड उनके बढ़ते दबदबे को दिखाता है। वे सीधे ISSF वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालीफाई भी कर चुकी हैं।

मनु भाकर के ओलंपिक मेडल 

मनु भाकर भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक हैं। पेरिस ओलंपिक में उनके दो मेडल ने पूरे देश को गर्व से भर दिया था। इस वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज उनके निरंतर प्रदर्शन का प्रमाण है। दोनों खिलाड़ियों का एक साथ पोडियम पर होना भारतीय पिस्टल शूटिंग की गहराई और ताकत को रेखांकित करता है।

यह नतीजा भारतीय शूटिंग के लिए सकारात्मक संकेत है। ISSF वर्ल्ड कप जैसे प्रतिस्पर्धी माहौल में घरेलू खिलाड़ियों का दबदबा बढ़ना भविष्य के बड़े आयोजनों—खासकर ओलंपिक—के लिए अच्छा है। ईशा जैसी युवा प्रतिभाएं और मनु जैसी अनुभवी खिलाड़ी मिलकर टीम को मजबूत बना रही हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई लोगों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। ISSF ने भी इस फाइनल को टैलेंट से भरा बताया और ईशा, झांग तथा मनु के प्रदर्शन की सराहना की।

कुल मिलाकर, हैंगझोऊ वर्ल्ड कप में यह डबल पोडियम भारतीय शूटिंग की चमकदार तस्वीर पेश करता है। ईशा सिंह का गोल्ड और मनु भाकर का ब्रॉन्ज न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियां हैं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण हैं। आगे की स्पर्धाओं में भी भारतीय निशानेबाजों से और अच्छी उम्मीदें हैं।

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