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Kapil Parmar ने Para Asian Games 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता

Kapil Parmar ने Para Asian Games 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता

Kapil Parmar: Para Asian Games 2026 में कपिल परमार ने ब्लाइंड जूडो में Bronze Medal जीतकर भारत को पहला पैरा जूडो मेडल दिलाया। जानें पूरा विवरण।

Kapil Parmar ने जीता कांस्य, पैरा जूडो में भारत का पहला मेडल

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और खुशी भरा पल आया। मध्य प्रदेश के सीहोर के पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने पुरुषों की जे1-70 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक हासिल कर लिया। यह इन खेलों में भारत का पैरा जूडो में पहला पदक है और दिन का तीसरा मेडल भी।

Kapil Parmar ने कैसे जीता कांस्य पदक

सोमवार को हुए कांस्य पदक मुकाबले में कपिल ने इंडोनेशिया के राफली अहनाफ शिदकी को सिर्फ 1 मिनट 9 सेकंड में इप्पोन से हरा दिया। इप्पोन जूडो का सबसे बड़ा स्कोर होता है, जिससे मुकाबला तुरंत खत्म हो जाता है।

इससे पहले क्वार्टरफाइनल में उन्होंने मंगोलिया के बाट-एर्डेने बातारसुरेन को गोल्डन स्कोर में 4 मिनट 53 सेकंड में इप्पोन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में हालांकि इंडोनेशिया के जुनाएदी से हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद भी कपिल ने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक मुकाबले में वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

कपिल परमार का सफर

कपिल परमार पेरिस 2024 पैरालंपिक में कांस्य पदक जीत चुके हैं। उस वक्त उन्होंने पुरुषों की जे1-60 किग्रा श्रेणी में मेडल हासिल कर भारत का जूडो में पहला पैरालंपिक पदक दिलाया था। पिछले एशियन पैरा गेम्स (हांगझोऊ) में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। अब वजन श्रेणी बदलकर 70 किग्रा में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

जे1 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें गंभीर दृष्टिबाधा है या पूरी तरह अंधे हैं। कपिल की कहानी संघर्ष की है। एक दुर्घटना में बिजली के करंट से उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। उसके बाद जूडो में उनका सफर शुरू हुआ। कोच मुनावर अंजार अली सिद्दीकी के मार्गदर्शन में उन्होंने लगातार मेहनत की।

मेडल जीतने पर कपिल की प्रतिक्रिया

मेडल जीतने के बाद कपिल ने कहा, “मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। काफी समय बाद मेडल मिला है। बहुत मेहनत की है। कोच ने भी बहुत मेहनत की। गोल्ड के लिए तैयार होकर आया था, लेकिन आज मेरा दिन या किस्मत नहीं थी, इसलिए कांस्य मिला। भारत के सभी लोगों, टीओपीएस, एसएआई और ओजीक्यू का शुक्रिया।”

कोच मुनावर अंजार ने बताया कि हाल के महीनों में कपिल की मां की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी, जिससे वे मानसिक रूप से प्रभावित थे। कोच ने कहा कि इस मेडल को मां को समर्पित करें, और कपिल ने वही किया।

पैरा गेम्स में भारत का शानदार दिन

इस मेडल से पहले महिला शूटिंग में मोना अग्रवाल ने गोल्ड और अवनि लेखरा ने सिल्वर जीता था। जूडो में कोकिला भी महिला जे2-52 किग्रा में फाइनल में पहुंच चुकी हैं। एशियन पैरा गेम्स 2026 18 से 24 अक्टूबर तक चल रहे हैं।

कपिल परमार जैसे खिलाड़ी साबित करते हैं कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। उनका यह कांस्य पदक पूरे देश के लिए प्रेरणा है।

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