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Lehra Do Tiranga: अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

Lehra Do Tiranga: अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

Lehra Do Tiranga: CJP संस्थापक Abhijeet Dipke को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है और NDMC ने तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी। पूरी खबर पढ़ें।

Lehra Do Tiranga: Abhijeet Dipke को हिरासत में लिया गया

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में लिए जाने की खबर ने शुक्रवार शाम दिल्ली की सियासत गरमा दी है। पार्टी ने आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी बीच दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सामने आई है।

कनॉट प्लेस में क्या है हालात?

कनॉट प्लेस इलाके में धारा 163 लागू है। यानी बिना अनुमति भीड़ जमा होने पर रोक है। NDMC ने तिरंगा यात्रा के लिए कोई अनुमति नहीं दी है। ऐसे में पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। आम लोगों को भी इलाके में आवाजाही के दौरान परेशानी हो सकती है।

Lehra Do Tiranga का आह्वान क्यों ?

यह पूरा मामला कुछ दिन पुराना है। दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को जंतर मंतर में कथित रूप से घुसने पर हिरासत में लिया था, जिसे प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया जा चुका है। इसके बाद दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेजा गया।

इसी के विरोध में दिपके ने 14 अक्टूबर को वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने देशभक्तों से शुक्रवार शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर जुटने की अपील की और कहा कि तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। उन्होंने उन लोगों से भी कहा जो दिल्ली नहीं पहुंच सकते, कि वे अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालें। दिपके ने यह आशंका भी जताई थी कि उन्हें भी जेल भेजा जा सकता है।

CJP की बात और सवाल

CJP का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराना हर नागरिक का हक है। पार्टी का तर्क है कि प्रदर्शन के अधिकार पर पाबंदियां लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं। दूसरी ओर प्रशासन का रुख है कि बिना अनुमति जमावड़ा कानून व्यवस्था के लिए जोखिम बन सकता है। यही टकराव अब खबर के केंद्र में है।

अब नजर इस पर है कि दिपके को कब तक हिरासत में रखा जाता है और सेंट्रल पार्क में समर्थक जुटते हैं या नहीं। पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों पर विस्तृत बयान का इंतजार है। इस खबर को अपडेट किया जाएगा।

पाठकों के लिए सवाल

क्या तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए भी पहले से अनुमति जरूरी होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।

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