Nimisha Chakkungalparambil: निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल ने एशियाई पैरा खेलों 2026 की लॉन्ग जंप T47 में 5.37 मीटर कूदकर Silver Medal जीता। पूरी खबर पढ़ें।
Nimisha Chakkungalparambil ने Silver Medal जीता
निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल ने एशियाई पैरा खेलों 2026 में भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया है। केरल की इस पैरा एथलीट ने महिलाओं की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में 5.37 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और रजत पदक अपने नाम किया। यह खेल इस बार जापान के आइची-नागोया शहर में 18 से 24 अक्टूबर तक हो रहे हैं।
Nimisha Chakkungalparambil का फाइनल मुकाबला
मुकाबला कड़ा था। हर कूद के बाद पदक की तस्वीर बदल रही थी। निमिषा ने अपनी सबसे लंबी छलांग 5.37 मीटर की लगाई और यही दूरी उन्हें पोडियम तक ले गई। स्वर्ण पदक [विजेता का नाम, देश] के नाम रहा, जिन्होंने [दूरी] मीटर की छलांग लगाई। कांस्य [नाम, देश] को मिला।
T47 वर्ग क्या होता है?
पैरा एथलेटिक्स में T47 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनकी एक बांह में कमी है या बांह की ताकत और गति सीमित है। ये खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। लॉन्ग जंप में दौड़ की रफ्तार, संतुलन और सही जगह पर टेक-ऑफ, तीनों का तालमेल चाहिए। इसी वजह से एक सेंटीमीटर का फर्क भी पदक का रंग बदल सकता है।
निमिषा का अब तक का सफर
निमिषा सुरेश चक्कुंगलपरम्बिल का जन्म 3 मई 1995 को हुआ और वे केरल से हैं। उन्होंने गुजरात के गांधीनगर में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लिया। उनका पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट फरवरी 2021 में दुबई का फज्जा इंटरनेशनल वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री था। वहां उन्होंने 5.25 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण जीता। बाद में हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने T47 लॉन्ग जंप का स्वर्ण पदक जीता। अब नागोया का रजत उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
भारतीय दल ने इन खेलों की शुरुआत ही दमदार की थी। पहले दिन 11 पदक आए, जिनमें चार स्वर्ण थे। निमिषा का रजत उसी सिलसिले को आगे बढ़ाता है। जब खिलाड़ी लगातार बड़े मंचों पर पदक लाते हैं, तो नई पीढ़ी के पैरा एथलीटों का हौसला भी बढ़ता है।
स्वर्ण से थोड़ी दूरी रह जाना किसी भी खिलाड़ी को चुभता है। लेकिन 5.37 मीटर की यह छलांग बताती है कि निमिषा सही दिशा में हैं और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वे और मजबूत वापसी कर सकती हैं। पूरे देश की शुभकामनाएं उनके साथ हैं।
निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल का यह रजत पदक मेहनत, धैर्य और हौसले की कहानी है। एशियाई पैरा खेलों 2026 की खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।

