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Press Freedom Index 2026: भारत 180 में से 157वे स्थान पर पहुंचा, देखें टॉप 10 लिस्ट

Press Freedom Index 2026 India rank

Press Freedom Index 2026: इस साल भारत प्रेस फ्रीडम इंडेक्स सूचि में 157वे स्थान पर पहुंच गया है। यह रिपोर्ट Reporters Without Borders द्वारा प्रकाशित की गई है। जिसमें 180 देशों का मूल्यांकन किया गया।

Press Freedom Index 2026 की मुख्य हाइलाइट्स

भारत 2025 के 151वे स्थान से गिरकर 2026 में 157वे स्थान पर पहुंच गया है। पत्रकारिता का मामले में भारत इस समय very serious श्रेणी में है। भारत हीनहीं बल्कि विश्व के 110 देश “difficult” या “very serious” श्रेणी में हैं। क़ानूनी संकेतक में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।

Press Freedom Index 2026 के टॉप 10 देश

  1. Norway :  (टॉप पर 10वें साल लगातार)
  2. Netherlands
  3. Estonia
  4. Denmark
  5. Sweden
  6. Finland
  7. Ireland
  8. Switzerland
  9. Luxembourg
  10. Portugal

विश्व के सबसे नीचे देश

  1. Eritrea : 180वां स्थान
  2. North Korea : 179
  3. China: 178
  4. Iran : 177
  5. Saudi Arabia : 176

भारत अपने पड़ोसियों (Nepal ~87, Sri Lanka ~134, Bangladesh ~152, Pakistan ~153) से पीछे है, लेकिन China (178) से बेहतर है।

भारत के रैंक गिरने के कारण

RSF की India country page और analysis के मुताबिक मुख्य मुद्दे:

  1. राजनीतिक दबाव और “Godi Media”: 2014 से मोदी सरकार के दौरान BJP और बड़े मीडिया घरानों (जैसे Reliance/Mukesh Ambani, Adani) के बीच करीबी। NDTV जैसी स्वतंत्र आवाजों का अधिग्रहण। PM प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते, सिर्फ अनुकूल मीडिया को इंटरव्यू देते हैं। “Hindu nationalist ideology” का प्रभाव, मुस्लिमों के खिलाफ घृणा भड़काने वाली कवरेज।
  2. मीडिया स्वामित्व का केंद्रित होना: कुछ बड़े कारोबारियों (सरकार के करीबी) के हाथ में। सरकारी विज्ञापन (अरबों डॉलर) के जरिए छोटे मीडिया को नियंत्रित करना।
  3. पत्रकारों की सुरक्षा: सालाना 2-3 पत्रकार काम के सिलसिले में मारे जाते हैं। ऑनलाइन ट्रोलिंग, धमकियां, हमले (खासकर BJP समर्थकों या पुलिस से), खासकर महिलाओं, पर्यावरण/कश्मीर रिपोर्टर्स पर। भारत दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक पत्रकारों के लिए।
  4. कानूनी उत्पीड़न (Judicial Harassment): Defamation, sedition, UAPA/anti-terror laws, IT Rules, Data Protection Act आदि का दुरुपयोग। आलोचनात्मक रिपोर्टिंग पर मुकदमे, गिरफ्तारियां। Colonial-era laws का इस्तेमाल।
  5. सामाजिक-धार्मिक पूर्वाग्रह (upper caste Hindu पुरुषों का दबदबा), आर्थिक निर्भरता, इंटरनेट शटडाउन आदि।
भारत सरकार का रुख

भारतीय सरकार इन रिपोर्टों को अक्सर “biased/propaganda” मानती है और RSF की methodology पर सवाल उठाती है। वास्तविक स्थिति में सुधार के दावे भी किए जाते हैं (जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विविधता)। RSF स्वतंत्र NGO है, लेकिन rankings subjective elements रखते हैं।

यह इंडेक्स 5 संकेतकों (Political, Economic, Legal, Social, Security) पर आधारित है। भारत Political (160th, स्कोर ~21) और Security (~158th) में सबसे कमजोर है। आधिकारिक रिपोर्ट यहां देखें

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