Sandhya Devi married Ruby Kumari: बिहार के बक्सर से संध्या देवी और रूबी कुमारी नाम की दो महिलाओं की शादी चर्चा में है। यह खबर बगेन गोला थाना क्षेत्र की है।
संध्या देवी और रूबी कुमारी की शादी
बक्सर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां 32 वर्षीय दो बच्चों की मां संध्या देवी ने 18 वर्षीय अविवाहित रूबी कुमारी के साथ मंदिर में शादी रचा ली है। यह घटना सामाजिक परंपराओं को चुनौती देने वाली मानी जा रही है और पुरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Sandhya Devi married Ruby Kumari
संध्या देवी की 2010 अवतारु यादव के साथ शादी हुई थी। पति बाहर प्राइवेट नौकरी करता है। उनके दो बच्चे हैं। एक 12 वर्षीय बेटी और 10 साल का बेटा। संध्या के अनुसार, वैवाहिक जीवन में घरेलू हिंसा, शराब पीकर मारपीट और छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते रहते हैं। संध्या ने तलाक लेने की कोशिश की लेकिन पति तैयार नहीं हुआ।
रूबी कुमारी अविवाहित है। उसके पिता मनोज शाह बक्सर में ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पौषण करते हैं। रूबी ने साफ कहा कि वो पुरुष से शादी नहीं करना चाहती और उसे पुरुषों स नफरत है।
Sandhya Devi और Ruby Kumari ने लिया शादी करने का फैसला
दोनों की मुलाकात करीब 15 दिन पहले हुई थी। शुरुआत में साधारण दोस्ती थी लेकिन दोनों साथ में सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाती थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्रेम में बदल गई। दोनों ने फैसला लिया कि वे एक दूसरे के साथ अपना जीवन बिताएंगी। संध्या ने पत्नी और रूबी ने पति की भूमिका निभाई।
Sandhya Devi और Ruby Kumari की शादी की रस्में
दोनों घर से भागकर उत्तर प्रदेश के विंध्याचल स्थित अष्टभुजी मंदिर गई। वहां पुरे हिंदू रीती-रिवाज से शादी रचाई , सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाई। शादी के बाद बक्सर लौटकर रामेश्वर नाथ मंदिर में भी माथा टेका। सक दूसरे को माला पहनाई और भगवान का आशीर्वाद लिया। दोनों महिलाओं ने बिना दूल्हा और बारात शादी रचा ली।
परिवार की प्रतिक्रिया
दोनों के परिवारों ने इस शादी को नकार दिया। परिवार वालों ने उन्हें घर वापस नहीं आने दिया। फिलहाल दोनों महिलाएं बेघर और और जगह-जगह घूम रही हैं। बक्सर पुलिस में भी अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इलाके में इस शादी की चर्चा हो रही है।
संध्या और रूबी के ब्यान
संध्या देवी : 16 साल से पति के साथ रह रही थी लेकिन अब पुरुष के साथ विवाह नहीं करना चाहती है।
रूबी कुमारी : मुझे पुरुष से शादी नहीं करनी है इस लिए संध्या के साथ जीवन बिताने का फैसला लिया।
बता दें, भारत में समलिंगी विवाह मान्य नहीं है। इस लिए यह शादी सामाजिक और धार्मिक रीती रिवाज से हुई मानी जा रही है।

