Sonam Raghuvanshi receive bail from the court: राजा रघुवंशी हत्याकांड (जिसे हनीमून मर्डर केस भी कहा जाता है) में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत ने हाल ही में (28 अप्रैल 2026 के आसपास) जमानत दे दी है। यह खबर काफी चर्चित है क्योंकि सोनम पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।
Sonam Raghuvanshi और राजा रघुवंशी का पूरा मामला क्या है ?
- राजा रघुवंशी इंदौर (मध्य प्रदेश) के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी थे।
- मई 2025 में उन्होंने सोनम से शादी की और हनीमून मनाने मेघालय गए।
- 20 मई 2025 के आसपास राजा गायब हो गए। बाद में उनकी लाश एक खाई/गॉर्ज में मिली।
- पोस्टमॉर्टम और जांच में हत्या साबित हुई। पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य साथियों (अकाश राजपूत, आनंद कुर्मी, विशाल सिंह चौहान आदि) के साथ मिलकर साजिश रची और पति की हत्या करवाई।
- सोनम पर आरोप है कि उसने हनीमून के दौरान ही यह प्लान बनाया और बाद में झूठी कहानी गढ़ी।
- पुलिस ने जून 2025 में सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया। वह लगभग 10-11 महीने से शिलांग जेल में बंद थीं। कुल 8 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
Sonam Raghuvanshi को क्यों और कैसे मिली जमानत ?
शिलांग की सेशन कोर्ट (Additional Deputy Commissioner Judicial D.R. Kharbteng) ने सोनम की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी खामी पाई। पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण सोनम को सही तरीके से नहीं बताए (संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन)। गिरफ्तारी दस्तावेजों में हत्या की धारा (103(1)) की जगह गलती से धारा 403(1) (संपत्ति दुरुपयोग) लिखी गई, जिसे कोर्ट ने गंभीर क्लेरिकल एरर नहीं माना। इससे पहले सोनम की तीन जमानत याचिकाएं दिसंबर 2025 तक खारिज हो चुकी थीं। यह चौथी सुनवाई में जमानत मिली।
Sonam Raghuvanshi पर कोर्ट की शर्तें
- सोनम को शिलांग क्षेत्र छोड़कर कहीं जाने की अनुमति नहीं (कोर्ट की परमिशन के बिना।
- हर कोर्ट डेट पर हाजिर होना।
- 50,000 का पर्सनल बॉन्ड और दो जमानतदार।
- थाने में नियमित हाजिरी लगानी होगी।
राजा की मां ने जज/कोर्ट पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक राजा की मां उमा रघुवंशी ने जमानत पर गहरा दुख और गुस्सा जताया। उन्होंने फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि सोनम “मुख्य साजिशकर्ता” (mastermind) है, फिर भी उसे जमानत कैसे मिल गई? उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे का खेल हुआ है (शिलांग तक पैसा पहुंचाया गया) और जांच में बाद में “लैप्स” (चूक) हुई। शुरुआती 9 महीनों में मेघालय पुलिस की जांच अच्छी थी, लेकिन आखिरी 1-2 महीनों में “गेम चेंज” हो गया।
सीबीआई जांच की मांग
परिवार ने CBI जांच की मांग की है और कहा कि अगर ऐसे गंभीर अपराधियों को जमानत मिल सकती है तो आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा? उनका विश्वास न्याय व्यवस्था पर डगमगा गया है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी और अन्य परिवारजनों ने भी जमानत पर निराशा जताई। कुछ रिपोर्ट्स में परिवार ने कहा कि बेल पिटीशन की जानकारी भी उन्हें समय पर नहीं दी गई।
यह मामला हनीमून के दौरान हुई हत्या की साजिश के रूप में काफी संवेदनशील रहा है। परिवार न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प जता रहा है।
राजा रघुवंशी केस की वर्तमान स्थिति
- केस में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है (700+ पन्नों की)।
- पहले भी कुछ अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।
- ट्रायल अभी चल रहा है, इसलिए सोनम पर मुकदमा जारी रहेगा।
- परिवार CBI जांच चाहता है ताकि सच्चाई सामने आए।

