Shahnawaz Khan ने रचा इतिहास: लॉन्ग जंप में जीता ब्रॉन्ज़ मेडल, वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय लॉन्ग जंपर बने।
Shahnawaz Khan ने रचा इतिहास
भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और गर्व का पल आया है। युवा लॉन्ग जंपर Shahnawaz Khan ने अमेरिका के यूजीन, ओरेगन स्थित प्रतिष्ठित हेवर्ड फील्ड में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप 2026 के मेंस लॉन्ग जंप फाइनल में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है। इस जीत के साथ ही 18 वर्षीय शहनवाज़ U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में लॉन्ग जंप स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो अब तक किसी भी भारतीय पुरुष या महिला लॉन्ग जंपर के नाम नहीं थी।
Shahnawaz Khan ने हेवर्ड फील्ड, यूजीन में रचा इतिहास
5 से 9 अगस्त 2026 तक चली इस चैंपियनशिप में दुनियाभर के 147 देशों के 1800 से ज़्यादा युवा एथलीटों ने हिस्सा लिया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी भागीदारी थी। इसी बड़े मंच पर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले के रहने वाले शहनवाज़ खान ने अपनी काबिलियत साबित करते हुए मेडल राउंड में जगह बनाई और आखिरकार पोडियम पर पहुंचकर देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया।
क्वालिफिकेशन राउंड में शहनवाज़ का सफर आसान नहीं था। उन्होंने पहले प्रयास में 7.51 मीटर की छलांग लगाई, दूसरे प्रयास में फाउल हुआ, लेकिन तीसरे और आखिरी प्रयास में दबाव में शानदार वापसी करते हुए 7.73 मीटर की जंप के साथ फाइनल में जगह पक्की की और ओवरऑल पांचवें स्थान पर रहे। इसी लड़ाकू प्रदर्शन ने फाइनल में उनके ब्रॉन्ज़ मेडल की नींव रखी।
Shahnawaz Khan कौन हैं ?
शहनवाज़ खान का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले के मढ़ाईपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले शहनवाज़ के पिता टैक्सी चलाते हैं। एथलेटिक्स की दुनिया में उनका रुझान परिवार से ही मिला — उनके चाचा शारुख खान नेशनल गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ चैंपियन रह चुके हैं, जबकि दूसरे चाचा मोहम्मद हदीस पूर्व जेवलिन थ्रोअर हैं।
बेंगलुरु स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कोच कीर्ति तिवारी के मार्गदर्शन में शहनवाज़ ने लॉन्ग जंप में तेज़ी से तरक्की की। 2025 में इंडियन ओपन (भुवनेश्वर) में 8.04 मीटर की छलांग के साथ वे भारत के “8 मीटर क्लब” में शामिल होने वाले सबसे युवा एथलीटों में से एक बने।
Shahnawaz Khan का 2026 में शानदार प्रदर्शन
शहनवाज़ के लिए 2026 का सीज़न करियर का सबसे यादगार साल साबित हुआ है:
- मई 2026 में हॉन्ग कॉन्ग में हुई एशियन U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 7.84 मीटर की बेस्ट जंप के साथ गोल्ड मेडल जीता था, जबकि उनके हमवतन जितिन अर्जुनन रमन चंद्रशेखरन ने 7.66 मीटर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया था।
- इसके बाद उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट सुधारकर 8.30 मीटर कर लिया, जो उन्हें U20 वर्ल्ड रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर ले गया।
- वे भारत के तीसरे सबसे बेहतरीन लॉन्ग जंपर बने और नेशनल U20 रिकॉर्ड भी अपने नाम किया
इन शानदार प्रदर्शनों की बदौलत शहनवाज़ यूजीन में भारत की सबसे बड़ी मेडल उम्मीदों में गिने जा रहे थे, और उन्होंने इस भरोसे को सही साबित करते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ इतिहास रच दिया।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
गौरतलब है कि इससे पहले किसी भी भारतीय लॉन्ग जंपर ने वर्ल्ड U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक नहीं जीता था। इस चैंपियनशिप में भारत के लिए यह दूसरा पदक भी है — इससे पहले जेवलिन थ्रोअर आशीष यादव ने मेंस जेवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के बाद इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बनने का गौरव हासिल किया था।
शहनवाज़ खान की यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स, खासकर लॉन्ग जंप जैसी फील्ड स्पर्धा में देश के उभरते भविष्य की एक बड़ी झलक है। कम उम्र में मिली यह सफलता आने वाले वर्षों में उनसे और बड़ी उम्मीदें जगाती है — जिसमें एशियन गेम्स 2026 और आगे चलकर सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप व ओलंपिक जैसे बड़े मंच भी शामिल हैं।

