World Happiness Report 2026 19 मार्च को जारी की गई है। जिसमें फ़िनलैंड ने लगातार नवीं बार बाजी मारी है। फ़िनलैंड 2018 से लगातार पहले स्थान पर है। वहीं भारत की स्थिति में सुधार हुआ है।
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 जारी
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 , 19 मार्च को जारी हो चुकी है। यह रिपोर्ट ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘कल्याण अनुसंधान केंद्र’ द्वारा गैलप और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क के साथ तैयार की गई है। इसमें 147 देशों को रैंक किया गया है। आधार Gallup Wolrd Poll का 3-वर्षीय औसत है। जिसमें लोग अपनी जिंदगी को 0-10 स्केल पर रेट करते हैं।
World Happiness Report 2026 की मुख्य बातें
- फिनलैंड 2018 से लगातार नवीं बार पहले स्थान पर है।
- नार्डिक देशों, फिनलैंड, आइसलैंड, डेनमार्क, स्वीडन और नॉर्वे टॉप में दबदबा बनाए हुए हैं।
- कोस्टा रिका ने चौथे स्थान पर पहुंचकर अमेरिका का अब तक का सबसे ऊंचा रैंक हासिल किया।
सोशल मीडिया ने छीनी युवाओं की खुशी
युवाओं की खुशी 15 सालों में काफी घटी है। जिसका बड़ा कारण सोशल मीडिया का भारी इस्तेमाल बताया गया है। PISA 2022 डेटा से पता चला कि 7 से अधिक घंटे सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाली लड़कियों की जीवन संतुष्टि 1 पॉइंट तक गिर सकती है। एल्गोरिदम बेस्ड प्लेटफार्म (जैसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक) नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। जबकि कम्युनिकेशन वाले सकारात्मक या न्यूट्रल प्रभाव डालते हैं।
टॉप और बॉटम देशों के बीच बड़ा गैप है। फिनलैंड 7. 76 बनाम अफगानिस्तान 1.4 यानि -6 पॉइंट का अंतर है। कुल 147 देशों में से मध्य और पूर्व देशों में खुशी बढ़ी है जबकि संघर्ष वाले देशों में घटी है। अमेरिका अपना सबसे निचला रैंक हिट कर चूका है। अमेरिका टॉप 10 देशों की सूचि से बाहर हो गया है।
10 सबसे खुशहाल देश ( Top 10 Happiest Countries )
स्कोर 0 से 10 स्केल पर है।
- फिनलैंड : 7.764 पॉइंट
- आइसलैंड : 7.540
- डेनमार्क : 7.539
- कोस्टा रिका : 7.439 पॉइंट
- स्वीडन : 7.255
- नॉर्वे : 7.242
- नीदरलैंड : 7.223
- इजराइल : 7.187
- लक्समबर्ग : 7.063
- स्विट्जरलैंड : 7.018
ये देश सामाजिक सहयोग, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, आजादी, कम भ्रष्टाचार और अच्छे वेलफेयर सिस्टम के कारण टॉप पर हैं।
10 सबसे बुरे हाल वाले देश
- अफगानिस्तान : 1.4 से कम
- सिएरा लियोन : 3.3
- मलावी : 3.3
- जिम्बाब्वे : 3.3
- बोत्स्वाना : 3.5
- यमन: 3.5
- लेबना:न 3.7
- डीआर कांगो : 3.8
- मिस्र : 3.9
- तंजानिया : 3.9
अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति खराब है। उनका औसत स्कोर 1.26 है। ये देश युद्ध, आर्थिक संकट और कम जीवन प्रत्याशा से जूझ रहे हैं।
World Happiness Report 2026 में भारत का कौनसा स्थान है ?
भारत वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में 147 देशों में 118 स्थान पर है। यह रिपोर्ट 19,20 मार्च 2026 को जारी की गई थी। भारत का स्कोर 4.389 पॉइंट है। 2024 की World Happiness Report रिपोर्ट में भारत का 126वां स्थान था। पिछली बार भारत का स्कोर 4.054 था। भारत की स्थितिमें 8 पायदान का सुधार हुआ है।
भारत पिछली रिपोर्ट से 8 स्थान ऊपर आया है लेकिन फिर भी दक्षिण एशिया में नेपाल (92वां), पाकिस्तान (109) से नीचे है। कई संघर्ष ग्रस्त देश जैसे यूक्रेन, फिलिस्तीन और इजराइल जैसे देश भी भारत से ऊपर हैं। भारत का स्कोर कम सामाजिक समर्थन, असमानता और अन्य कारकों से प्रभावित है।
दयालुता के कुछ मापदंडों में भारत अच्छा प्रदर्शन करता है। जैसे स्वयं सेवा में भारत का 10वां स्थान, दान में 57वां स्थान और लोगों की मदद करने में 74वां स्थान है। लेकिन खोए हुए बटुए जैसे ट्रस्ट मापदंडों में भारत का स्थान 115वां है। जो पड़ोसी देशों से तुलना में बहुत कम है। ‘लंगर सेवा और भंडारा देना’ जैसे सामाजिक परोपकारी कामों के लिए भारत पहले स्थान पर है। मगर इन दोनों की कोई वैश्विक रैंकिंग नहीं होती है।
World Happiness Report का महत्व
यह रिपोर्ट सिर्फ रैंकिंग नहीं बल्कि नीति-निर्माताओं के लिए एक गाइड है। खुशी बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर उम्र सीमा तय करना, स्कूल में संबद्ध बढ़ाना और ट्रस्ट बेस्ड कम्युनिटी बनाना बेहद जरूरी बताया गया है। लैटिन अमेरिका में सोशल मीडिया ज्यादा यूज होने के बावजूद भी हैप्पीनेस रैंक ज्यादा है। जबकि पश्चिम अमेरिका में ज्यादा नुक्सान हो रहा है।

