Guruji Pradeep Jotangia arrested

Guruji arrested: गुजरात में नकली नोट छापने वाले गुरु Pradeep Jotangia गिरफ्तार, 2.10 करोड़ फेक करंसी बरामद

Guruji Pradeep Jotangia arrested: गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोट छापने वाले आध्यात्मिक गुरु प्रदीप जोतंगिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्च्यूनर कार से 2.10 करोड़ की नकली करंसी बरामद की है।

गुजरात में नकली नोट फैक्ट्री का भांडाफोड़

गुजरात से नकली नोट छपाई का बड़ा घोटाला सामने आया है। अहदाबाद क्राइम ब्रांच ने अमराईवाड़ी इलाके में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोका और इसमें से 2.10 करोड़ मूल्य के नकली नोट बरामद किए। क्राइम ब्रांच ने आगे की छापेमारी में सूरत से 80 लाख के नकली नोट बरामद किए। पुलिस ने मुख्य आरोपी आध्यात्मिक गुरु प्रदीप जोतंगिया उर्फ़ गुरूजी को गिरफ्तार किया है। उनके अलावा 5 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया।

Guruji Pradeep Jotangia कौन हैं ?

Guruji Pradeep Jotangia arrestedनकली नोट घोटाले के मुख्य आरोपी प्रदीप जोतंगिया श्री सत्यम योग फाउंडेशन के संचालक हैं। यह रैकेट उनके आश्रम पर चल रहा था। सूरत के वराछा इलाके में प्रिंटिंग यूनिट भी चल रही थी। जो बाहरी तौर पर स्टेशनरी यूनिट लगती थी। प्रदीप गुरूजी योग कक्षाएं भी चलाते थे। उनका राजकोट सत्यम योग एंड हेल्थ सेंटर है। उन्होंने पुरे ऑपेरशन को आध्यात्मिक/ योग फ्रंट के पीछे छुपा रखा था। पुलिस ने राजकोट में उनके भाई अमित जोतंगिया से भी पूछताछ की है।

नकली नोट मामले में अन्य गिरफ्तारियां

मुख्य आरोपी गुरूजी के अलावा मुकेश ठुम्मर, अशोक मवानी, रमेश भालार, दिव्येश राणा, भरत काकड़िया और कटारगराम की एक महिला है। मुकेश को इस गिरोह का सरगना माना जा रहा है। दो चीनी एजेंट फरार बताए जा रहे हैं।

कैसे चल रहा था रैकेट?

नकली नोट उच्च गुणवत्ता के 500 रुपए के थे। जिनमें RBI सिक्योरिटी थ्रेड पेपर के जरिए स्टेशनरी के नाम पर आयातित था। जिसके लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पेमेंट की गई। प्रिंटर, पेपर कटिंग मशीन, लैपटॉप, करेंसी काउंटिंग मशीन बरामद की गई। नकली करेंसी डिजाइन करने के लिए AI/ चैट्जीपीटी और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया। ट्रांसपोर्ट के लिए व्हाइट टोयोटो फार्च्यूनर कार का इस्तेमाल किया गया। कार पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय के स्टिकर लगे हुए थे।

फेक करेंसी सर्क्युलेशन का तरीका

असली 500 के नोट के बदले 1500 रुपए नकली मूल्य के नोट दिए जाते थे। एक प्लांड डील में  66 लाख असली नोट देकर 2 करोड़ नकली नोट लेने की तैयारी थी। शुरुआत में छोटी दुकानों पर नोट बदले जाते थे। फिर 20 % की कमीशन फीस के साथ सप्लाई होने लगी। यह नकली नोट का धंधा पिछले 6 महीने से चल रहा था।

पुलिस की कार्रवाई

अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को गुप्त सुचना मिली थी। रात भर निगरानी बाद अमराईवाड़ी में कार रोकी गई। सूरत पुलिस के साथ मिल कर वराछा की प्रिंटिंग यूनिट और आश्रम पर छापे मारे गए। वहां से रॉ मटेरियल दस्तावेज और 16 रिम सिक्योरिटी पेपर बरामद किए। मोबाइल और 1.20 लाख कैश बरामद किया गया। केस DCB पुलिस स्टेशन में दर्ज है। RBI को सूचित कर दिया गया है। पुलिस की जांच जारी है। मामले में अन्य लोगों और अंतराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा रही है।

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