Sachin Tendulkar Helps Brain Stroke Victim Vinod Kambli

Kambli: विनोद कांबली को आया ब्रेन स्ट्रोक, मदद के लिए आगे आए सचिन तेंदुलकर

Kambli Vinod: 54 वर्षीय पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर एकबार फिर चिंता बढ़ गई है। उनके दिमाग में खून का थक्का बन गया है।

विनोद कांबली अस्पताल में भर्ती

विनोद कांबली के करीबी दोस्त और पूर्व BCCI अंपायर मार्क्स कुटो ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि क्लॉट की वजह से कांबली का दिमाग असंतुलित हो रहा है। उनकी यादास्त कमजोर हो गई है और चलने फिरने में दिक्क्त आ रही है। उन्होंने शराब तो छोड़ दी है लेकिन कभी कभी सिगरेट मांग लेते हैं, जो स्थिति को खराब कर सकता है। कुटो ने कहा ,”विनोद कांबली की इच्छशक्ति बहुत मजबूत है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगला स्टेज ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।” उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Kambli Vinod पहले भी हो चुके हैं एडमिट

दिसंबर 2024 में विनोद कांबली को ठाणे के आकृति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब उन्हें यूरिनरी इन्फेक्शन, मसल केंप्स, चक्कर, बुखार और कमजोरी की शिकायत थी। ब्रेन स्ट्रोक में पुराने क्लॉट्स मिले हैं, जो हाल के स्ट्रोक से जुड़े हुए हैं। डॉक्टरों ने कहा था कि उनका दिमाग अस्थिर है और अगले दो-तीन दिनों में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उस समय भी कांबली ने सचिन तेंदुलकर का शुक्रिया अदा किया था। विनोद कांबली ने कहा था ,” मैं बेहतर महसूस कर रहा हुन, सचिन के आशीर्वाद मेरे साथ हैं। ”

विनोद कांबली की मानसिक स्थिति खराब

पिछले छह महीनों से उनकी यादास्त और सेहत में गिरावट नहीं आई लेकिन खतरा बना हुआ है। वे स्टिक के सहारे चल पाते हैं।  घर के दो बच्चों के साथ अपना समय बिताते हैं। हाल ही में उन्होंने एक आइसक्रीम ब्रांड का शूट भी किया। आर्थिक तंगी पुरानी समस्या है। इलाज और फिजियोथेरेपी के लिए लगातार फंडिंग की जरूरत है।

कांबली की मदद के लिए आगे आए सचिन तेंदुलकर

कांबली के दोस्त मार्क्स कुटो ने पूर्व क्रिकेटरों और करीबी दोस्तों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें नियमित रूप से आर्थिक मदद जुटाई जा रही है। पुराने दोस्त सचिन तेंदुलकर भी इस व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा हैं। वे चुपचाप मदद कर रहे हैं।

इन क्रिकेटर्स ने की मदद

सुनील गावस्कर और कपिल देव सहित 1983 वर्ल्ड कप टीम के अन्य सदस्यों ने भी रिहैबिलिटेशन के लिए पेशकश की। कपिल देव ने हरियाणा के सेंटर में बुलाने का ऑफर दिया है। कुटो ने बताया कि पहले एक-एक दिन का खर्च दोस्त बारी बारी उठाते थे। जो रोजाना संभव नहीं था। अब ग्रुप के जरिए लगातार मदद मिल रही है।

कांबली का स्वास्थ्य और आर्थिक संकट सालों से सार्वजनिक रहे हैं। उन्हें 2013 में दो हार्ट अटैक आ चुके हैं। उनके दोस्त और पूर्व साथी लगातार उनकी मदद कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह सामूहिक प्रयास उन्हें मजबूती देगा।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top