R Praggnanandhaa makes history at GCT: आर. प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास: जीता ग्रैंड चेस टूर सेंट लुईस रैपिड एंड ब्लिट्ज़ 2026 का खिताब।
R Praggnanandhaa ने रचा इतिहास
भारतीय शतरंज के उभरते सितारे ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद (R Praggnanandhaa) ने एक बार फिर पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराया है। अमेरिका के सेंट लुईस शहर में खेले गए प्रतिष्ठित ग्रैंड चेस टूर (Grand Chess Tour – GCT) सेंट लुईस रैपिड एंड ब्लिट्ज़ 2026 टूर्नामेंट में प्रज्ञानंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया है। यह जीत उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है, क्योंकि यह ग्रैंड चेस टूर में उनका पहला खिताब है।
R Praggnanandhaa: टूर्नामेंट का पूरा हाल
सेंट लुईस चेस क्लब में 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच आयोजित इस टूर्नामेंट में दुनिया के दस दिग्गज ग्रैंडमास्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें फैबियानो कारुआना, जावोखिर सिंदारोव, विंसेंट कीमर, वेस्ली सो, अनीश गिरी, जॉर्डन वान फोरेस्ट जैसे पूर्ण-टूर खिलाड़ियों के अलावा लीनियर डोमिंगुएज़, लेवोन एरोनियन और अवोंडर लियांग जैसे वाइल्डकार्ड खिलाड़ी भी शामिल थे। प्रतियोगिता में कुल नौ रैपिड राउंड और अठारह ब्लिट्ज़ राउंड यानी कुल 135 गेम खेले गए, जिनमें $2,00,000 की कुल पुरस्कार राशि दांव पर थी।
प्रज्ञानंद का टूर्नामेंट में दबदबा
प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अपना दबदबा दिखाना शुरू कर दिया था। पहले ही दिन उन्होंने लेवोन एरोनियन और फैबियानो कारुआना जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को हराकर बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने अवोंडर लियांग के खिलाफ भी जीत दर्ज की, जबकि वेस्ली सो के साथ उनका मुकाबला 117 चालों तक चला और अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इस दमदार प्रदर्शन ने उनकी लाइव रैपिड रेटिंग को करियर के सर्वोच्च स्तर 2714.5 तक पहुंचा दिया, जिससे वे पहली बार फीडे (FIDE) की विश्व रैपिड रैंकिंग में टॉप-10 में शामिल हो गए। इस उपलब्धि के साथ भारत के तीन ग्रैंडमास्टर—विश्वनाथन आनंद, अर्जुन एरिगैसी और प्रज्ञानंद—अब रैपिड टॉप-10 सूची में जगह बना चुके हैं।
रैपिड सेक्शन में शानदार बढ़त, ब्लिट्ज़ में बरकरार रखा दबदबा
नौ राउंड के रैपिड सेक्शन में प्रज्ञानंद ने कुल 18 में से 12 अंक हासिल किए और तालिका में शीर्ष स्थान पर रहे। हालांकि अंतिम राउंड में उन्हें डच ग्रैंडमास्टर जॉर्डन वान फोरेस्ट के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, फिर भी वे उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से एक अंक आगे रहते हुए बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।
रैपिड सेक्शन की इस बढ़त को प्रज्ञानंद ने ब्लिट्ज़ चरण में भी बखूबी बरकरार रखा। तेज़ रफ्तार वाले ब्लिट्ज़ मुकाबलों में, जहां हर चाल में गहरी एकाग्रता और त्वरित निर्णय क्षमता की जरूरत होती है, उन्होंने लगातार अच्छे नतीजे दिए। जावोखिर सिंदारोव जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों की चुनौतियों के बावजूद प्रज्ञानंद ने अपनी बढ़त कभी कमजोर नहीं पड़ने दी। उपांत्य राउंड में सिंदारोव के खिलाफ ड्रॉ खेलकर ही उन्होंने एक राउंड बाकी रहते खिताब पक्का कर लिया, जिससे आखिरी गेम का नतीजा खिताब पर कोई असर नहीं डाल सका।
अंत में प्रज्ञानंद कुल 35 में से 23 अंकों के साथ टूर्नामेंट में सबसे आगे रहे और दूसरे स्थान पर रहे खिलाड़ी से 1.5 अंकों की बढ़त के साथ चैंपियन बने।
करियर की बड़ी उपलब्धि
बीस साल के प्रज्ञानंद के लिए यह जीत कई मायनों में खास है। ग्रैंड चेस टूर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज सर्किट में गिना जाता है, जहां हर साल विश्व के शीर्ष रेटेड खिलाड़ी आपस में भिड़ते हैं। इतने कड़े मुकाबले वाले टूर्नामेंट में खिताब जीतना किसी भी खिलाड़ी के करियर का बड़ा पड़ाव माना जाता है, और प्रज्ञानंद के लिए यह उनका ग्रैंड चेस टूर का पहला खिताब है।
इस जीत के साथ प्रज्ञानंद ने न केवल अपनी रेटिंग में बड़ा उछाल हासिल किया, बल्कि आने वाले सिंक्फील्ड कप और जीसीटी ग्रैंड फाइनल्स से पहले टूर पॉइंट्स की तालिका में भी मजबूत स्थिति बना ली है। भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए यह गर्व का पल है, क्योंकि हाल के वर्षों में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर्स लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी काबिलियत साबित करते आ रहे हैं।
भारतीय शतरंज के लिए एक और सुनहरा अध्याय
आर. प्रज्ञानंद की यह सफलता भारतीय शतरंज के स्वर्णिम दौर का एक और उदाहरण है। डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी और विश्वनाथन आनंद जैसे खिलाड़ियों के साथ प्रज्ञानंद भी अब विश्व शतरंज की बड़ी ताकतों में शुमार हो चुके हैं। सेंट लुईस में मिली यह जीत निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी और आगामी टूर्नामेंटों में उनसे बड़ी उम्मीदें बढ़ा देगी।





