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Amita Singh Tomar: KBC में 50 लाख जीतने वाली महिला 2.5 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार

Amita Singh Tomar

Amita Singh Tomar arrested in 2.5 crore flood relief scam: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में 2021 में बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

Amita Singh Tomar arrested

2021 में मध्य प्रदेश के बाढ़ राहत घोटाले में मुख्य आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को 26 मार्च को ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें उनके ग्वालियर स्थित आवास से दबोचा। बाद में उन्हें श्योपुर कोर्ट में पेश किया गया। जहां अदालत ने उन्हें महिला जेल भेज दिया है।

Amita Singh Tomar कौन है ?

अमिता सिंह तोमर मध्य प्रदेश की सिविल सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में हिस्सा लिया था और इस प्लेटफॉर्म पर 50 लाख रुपए जीते थे। अमिताभ बच्चन ने उन्हें चेक सौंपा था, जिससे वे पुरे देश में चर्चित हो गई थीं। उस समय वे श्योपुर जिले में तैनात थीं। बाद में वे विजयपुर तहसीलदार के पद पर थीं। गिरफ्तारी से एक दिन पहले हो कलेक्टर ने उन्हें पद से हटा दिया था। पहले वे गुना और अन्य जगहों पर तैनात रहीं।

2021 का बाढ़ राहत कोष घोटाला

2021 में मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के बड़ौदा में भारी बाढ़ आ गई थी। बाढ़ पीड़ितों को राज्य सरकार की राहत राशि वितरित की जानी थी। जिसमें से अमिता सिंह तोमर ने 2.5 करोड़ रुपए क घोटाला किया। असली बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया गया। इसके बजाय 127 फर्जी खातों में राशि ट्रांसफर कर दी गई। इनमें पटवारियों के रिश्तेदार अपात्र लोग और बनावटी नाम शामिल थे। दस्तावेजों में हेरा फेरी की गई। जिससे सरकारी खजाने का नुकसान हुआ।

ऐसे पकड़ी गई तहसीलदार Amita Singh Tomar

डिप्टी कलेक्टर ने ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी पकड़ी। इसके बाद उन्होंने बड़ोदा थाने में FIR दर्ज कराई। आरोपों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। FIR में 110 लोगों को नामजद किया गया है। जिनमें अमिता सिंह तोमर, 25 पटवारी और 100 दलाल शामिल हैं। अब तक अमिता सिंह के साथ साथ 22 पटवारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा अमिता सिंह का मामला

सुप्रीम कोर्ट ने 18 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट से याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। 25 मार्च को तहसीलदार पद से हटाए जाने के बाद 26 मार्च को करीब सुबह 10 बजे बड़ौदा एसडीओपी अवनीत शर्मा की टीम ने ग्वालियर से उन्हें गिरफ्तार किया।

श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि पूछताछ के लिए आरोपी सामने आ सकते हैं। अमिता सिंह तोमर फ़िलहाल जेल में हैं। पुलिस आगे की जांच कर रही है। यह घोटाला बाढ़ पीड़ितों के हक पर डाका माना जा रहा है।

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