Andhra Pradesh Government Third Child Scheme

Andhra Pradesh Government की तीसरी संतान योजना, मिलेंगे 25 हजार और ये सुविधाएं

Andhra Pradesh Government Third Child Scheme: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.  चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में एक बड़ी घोषणा की है। जिसमें तीसरी संतान पैदा करने वालों को 25000 रुपए का वित्तीय प्रोहत्साहन देने का एलान किया गया है।

Andhra Pradesh Government का बड़ा एलान

Andhra Pradesh Government केसीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। जिसमें दूसरी और तीसरी संतान पैदा करने वाले दंपत्तियों को 25 हजार रुपए का प्रोहत्सान देने का प्रस्ताव रखा गया है। यह घोषणा 6 मार्च 2026 को की गई है। यह नीति परिवार नियोजन से हटकर पापुलेशन केयर मॉडल पर आधारित है। जो राज्य के घटते जन्म दर को बढ़ाने का प्रयास है।

Andhra Pradesh Government की तृत्य संतान योजना के मुख्य बिंदु

मुख्यमंत्री नायडू ने विधान सभा में ड्राफ्ट पापुलेशन पॉलिसी पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूसरी या तीसरी संतान के डिलीवरी के समय 25000 रुपए का एकमुश्त भुगतान करेगी। यह प्रोत्साहन “पौषण, शिक्षा, सुरक्षा” पैकेज के तहत दिया जाएगा। इसके आलावा तीसरी संतान के लिए निम्नलिखित लाभ भी प्रस्तावित हैं :

  • बच्चे के पहले 5 साल तक प्रति माह 1000 रूप की सहायता दी जाएगी।
  • सरकारी स्कूलों में 18 वर्ष तक आयु तक मुफ्त शिक्षा।
  • पूर्ण घरेलू स्वास्थ्य बीमा कवरेज और IVF पर सब्सिडी।
  • मां के लिए 12 माह का मातृत्व अवकाश और पिता के लिए 2 महीने का पितृत्व अवकाश
  • सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृति से पहले 15 दिन की वेलनेस लिव और 50000 रुपए का स्वास्थ्य कोष।

कब लागू होगी ये नीति ?

यह नीति मार्च 2026 के अंत तक या अप्रैल के शुरुआत में लागु होगी। सार्वजनिक चर्चा के लिए एक माह का समय दिया गया है। राज्य सरकार ने पहले से चल रही तल्लिकी वंदनम योजना के तहत प्रत्येक बच्चे के लिए 15000 रुपए की सहायता राशि को भी जारी रखा है। जो परिवार के आकार की परवाह किए बिना दी जाती है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने क्यों जारी की ये योजना

आंध्र प्रदेश में जन्म दर में तेजी से गिरावट आ रही है। जो राज्य की आर्थिक और सामाजिक सरंचना के लिए खतरा पैदा कर सकती है। मुख्य कारण निम्नलिखित हैं :

  • राज्य का TFR 1992-93 में 3.0 घटकर 2002 में 2.2 और 2021 में 1.5 हो गया। यह प्रतिस्थापन स्तर से बहुत कम है। जिससे जनसंख्या स्थिरता बाधित हो रही है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश में 6.7 लाख जन्म प्रति वर्ष हो रहे हैं। बिना हस्तक्षेप के यह जनसंख्या और भी कम हो सकती है।
  • राज्य की औसत आयु 32.5 वर्ष है। वर्तमान में 60 फीसदी से अधिक आबादी 10% है। जो 2047 तक 24 फीसदी तक पहुंच सकती है। इससे श्रम शक्ति की कमी हो सकती है। जैसा की जापान, इटली और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में देखा गया है।
  • घटती युवा आबादी से आर्थिक विकास रुक जाएगा।
घटती आबादी को लेकर सीएम नायडू की चेतावनी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चेतावनी दी है कि बिना युवा वर्कफोर्स के राज्य का GSDP 15 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है। दक्षिण भारत के केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी यही समस्या है।

क्यों छोटे हो रहे हैं परिवार ?

शहरीकरण,महिलाओं की बढ़ती कार्यबल भागीदारी और कल्याणकारी योजनाओं के कारण परिवार छोटे हो रहे हैं। सीएम नायडू ने इसे जनसांख्यिकीय लाभांश को बनाए रखने की आवश्यकता बताया। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के 2025 के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय परिवार में कम से कम 3 बच्चे होने चाहिए।

नीति के पांच स्तंभ

  • मातृत्व : स्टरलाइजेशन को कम करना। सी सेक्शन डिलीवरी को घटाना और किशोर गर्भावस्था रोकना।
  • शक्ति : महिलाओं के लिए कार्य स्थल सुधार
  • कौशल : भविष्य की वर्कफोर्स के लिए स्किल डेवलपमेंट।
  • कल्याण : वृदावस्था के लिए सिल्वर स्किल रजिस्ट्री
  • संजीवनी : डिजिटल हेल्थ रिकार्ड्स।

केंद्र सरकार की 2 बच्चों की नीति

यह नीति केंद्र सरकार की 2 बच्चों की नीति से विचलन के रूप में देखी जा रही है। जिस पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि प्रोत्साहन देने के बजाय सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना चाहिए।

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