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Captain Smit Machhar को बड़ा सम्मान, बचाई थी 174 यात्रियों की जान

Captain Smit Machhar accorded great honor

Captain Smit Machhar: फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के हमले के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाई। गुजरात ने उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने की घोषणा की, इज़राइल भी सम्मान देगा।

Captain Smit Machhar की बहादुरी की कहानी

30 सितंबर की सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में अचानक आपात संकेत गूंजा। कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार और उनके सह-पायलट के बीच झड़प हुई। रिपोर्टों के मुताबिक ओमान के सह-पायलट ने उन पर हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की। विमान करीब 34,000 फीट से 17,000 फीट से ज़्यादा नीचे उतर गया।

Captain Smit Machhar ने ऐसे बचाई 174 जानें

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया। इसी से यात्रियों और क्रू को अंदर आने का मौका मिला और हमलावर पर काबू पाया जा सका। विमान में मौजूद दो और फ्लाईदुबई पायलटों ने भी मदद की। विमान सऊदी अरब के तबूक शहर में सुरक्षित उतरा। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस साहस से 174 लोगों की जान बची।

गुजरात ने किया सम्मान का ऐलान

आउटलुक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घोषणा की कि मच्छार को विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मच्छार ने अपनी बहादुरी से गुजरात और देश का नाम रोशन किया। मच्छार के परिवार की जड़ें राजकोट जिले से जुड़ी हैं। सोमनाथ मंदिर में उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए विशेष प्रार्थना भी हुई।

इज़राइल का वादा

भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़र ने कहा कि इज़राइल उन्हें नहीं भूलता जो संकट में उसके साथ खड़े होते हैं, और मच्छार को उचित तरीके से सम्मानित किया जाएगा। इज़राइल के पूर्व उप विदेश मंत्री शैरन हस्केल ने उन्हें देश का मेडल ऑफ ऑनर देने की मांग की है। नेतन्याहू ने मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता भी दिया है। इसके लिए औपचारिक मंज़ूरी अभी बाकी है। मुंबई में इज़राइली वाणिज्य दूतावास ने भी आभार जताने के लिए अभियान चलाया।

कौन हैं स्मित मच्छार?

39 वर्षीय मच्छार मुंबई के घाटकोपर के रहने वाले हैं। उन्होंने न्यूज़ीलैंड में पायलट प्रशिक्षण लिया और करीब 11 साल स्पाइसजेट में काम किया। जून 2022 में वे फ्लाईदुबई में बोइंग 737 के कैप्टन बने। उनके भाई भी पायलट हैं। प्रधानमंत्री मोदी से वीडियो बातचीत में उन्होंने कहा कि इस काम में बाकी लोगों की भूमिका भी बराबर की थी।

अब कैसी है सेहत?

तबूक के अस्पताल के बाद उन्हें अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। उन्होंने खुद कहा है कि रिकवरी धीरे-धीरे होने वाला सफ़र है।

फ्लाईदुबई फ्लाइट पर हमले की जांच जारी

हमले का मकसद अभी साफ़ नहीं है। फ्लाईदुबई ने कयासबाज़ी से बचने की अपील की है और फिलहाल इज़राइल की उड़ानें रोक दी हैं। सह-पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया और जांच जारी है।

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