CEC Gyanesh Kumar Kolkata protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर के बाहर जनता ने काले झंडे दिखाए। लोगों ने ‘Gyanesh Kumar Go Back’ के नारे भी लगाए।
CEC Gyanesh Kumar का कोलकाता में विरोध
9 मार्च 2026 को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कोलकाता में भारी विरोध हुआ। कोलकाता मशहूर कालीघाट मंदिर के बार लोगों मुख्य निर्वाचन आयुक्त को काले झंडे दिखाए और ”वापिस जाओ’ के नारे भी लगाए। इसी के साथ वे पहल ऐसे CEC बन गए हैं, जिन्हे जनता ने काले झंडे दिखाए हैं। भारत के इतिहास में ऐसा विरोध प्रदर्शन पहली बार हुआ है जब देश के चीफ इलेक्शन कमिश्नर को ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों से ठीक पहले हुआ है। ये घटना कुमार और उनके साथी EC एसएस संधू तथा विवेक जोशी के तीन दिवसीय दौरे के दौरान घटी। यह विरोध न केवल कालीघाट मंदिर के बाहर सीमित रहा बल्कि श्री कुमार के कोलकाता में आगमन से शुरू हो गया था।
CEC Gyanesh Kumar के काफिले को काले झंडे दिखाए
8 मार्च को श्री कुमार कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचे, उनके साथ चुनाव आयुक्तों के अलावा चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। कोलकाता एयरपोर्ट के बाहर स्थानीय लोगों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। इसके अलावा न्यू टाउन इलाके के निजी होटल के पास भी उनका विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों ने ‘वापिस जाओ, ज्ञानेश कुमार’ और लोकतंत्र का हत्यारा जैसे नारे लगाए।
जनता यहीं नहीं रुकी, मधुमक्खियों की तरह, मुख्य चुनाव आयुक्त के पीछे पड़ी रही। शाम काईखाली क्षेत्र में VIP रोड पर भी काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध उनके काफिले के गुजरते समय हुआ।
CEC Gyanesh Kumar के मंदिर दर्शन और विरोध प्रदर्शन चरम पर
आज सुबह श्री ज्ञानेश कुमार पश्चिम बंगाल मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनोज अग्रवाल के साथ कालीघाट मंदिर पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैंकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए, जिन्होंने ‘ ज्ञानेश कुमार गौ बैक’ और लोकतंत्र का हत्यारा जैसे नारे लगाए। यह विरोध करीब 15-20 मिनट चला। जिसके बाद वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और सभी की सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारीयों और पुलिस/प्रेस के साथ बैठकें करने लगे।
कोलकाता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का क्यों हुआ विरोध ?
विरोध का मुख्य कारण चुनाव आयोग पर पक्षपाती होने का आरोप है। बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी TMC उन्हें अपने खिलाफ मान रही है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि चुनाव आयोग बंगाल लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है। मुख्य बातें :
- विशेष गहन पुनरावलोकन ( SIR) : चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत हजारों नाम काटे गए हैं या विवादास्पद सूचि में डाले गए हैं। टीएमसी का आरोप है कि यह मुख्य रूप से चाय बागान मजदूरों और अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। वे इसे बंगाल को धार्मिक आधार पर बांटने की साजिश करार दे रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर धरना दिया था, जो CAA/NRC से जुड़ा माना जा रहा है।
- राजनीतिक तनाव : 2026 के विधान सभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस पार्टी के बीच तीखी टक्कर है।
- प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘ लोकतंत्र का हत्यारा’ कहा, यह इशारा करते हुए कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।
- 2021 के चुनावों में भी TMC ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए थे, लेकिन यह पहली बार है जब जनता ने किसी CEC को सीधे काले झंडे दिखाए हैं।
भारतीय निर्वाचन आयुक्त को किसने दिखाए काले झंडे ?
- टीएमसी कार्यकर्ता : कालीघाट मंदिर और एयरपोर्ट पर विरोध किया। उन्होंने पक्षपाती CEC का नारा लगाया।
- लेफ्ट पार्टियां : CPI-M आदि के कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
- स्थानीय लोग : इस प्रदर्शन में कुछ लोकल भी शामिल थे, जो वोटर लिस्ट कटौती से प्रभावित हैं।
CEC Gyanesh Kumar ने मंदिर से बाहर निकलते हुए कहा ,” पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों और बहनों को मेरा अभिवादन है। मां काली सबका मंगल करें। जय मां काली। ”
बीजेपी प्रवक्ता सुवेन्दु अधिकारी ने कहा ,”यह ममता बनर्जी के धरने का हिस्सा है। जो बंगलादेशी मुस्लिम घुसपैठियों की रक्षा के लिए चल रहा है। संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ ऐसे कृत्य बंगाल में कोई नई बात नहीं है “





