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Chandrachur Singh: अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने चाची पर लगाया संपत्ति हड़पने का आरोप, 7 के खिलाफ FIR दर्ज

Chandrachur Singh

Chandrachur Singh: बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने पुश्तैनी हवेली को हड़पने के आरोप में सगी छाहरि गायत्री देवी और चचेरे भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

Chandrachur Singh की पैतृक संपत्ति का विवाद

बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह का पैतृक संपत्ति विवाद अब पूरी तरह सामने आ गया है। अलीगढ़ के जलालपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए एक्टर ने अपने ही परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह की करोड़ों की पैतृक संपत्ति और ऐतिहासिक “जलालपुर एस्टेट” हवेली से जुड़ा है, जो करीब 150 साल पुरानी बताई जा रही है।

Chandrachur Singh की हवेली का मामला क्या है ?

अभिनेता का आरोप है कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह की मृत्यु से ठीक एक दिन पहले एक फर्जी वसीयत तैयार की गई थी, जिसके आधार पर पुश्तैनी संपत्ति हड़पने की साजिश रची गई। एक्टर के मुताबिक, वसीयत तैयार किए जाने के वक्त उनके दादा गंभीर रूप से बीमार थे और बिस्तर पर थे, ऐसे में वे किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में ही नहीं थे।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रचूड़ सिंह के भाई अभिमन्यु सिंह ने बताया कि उनके दादा का निधन वर्ष 1997 में हुआ था और निधन से ठीक एक दिन पहले कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार कराई गई थी। परिवार का दावा है कि इसी वसीयत के जरिए बेशकीमती जमीनें कुछ खास लोगों के नाम कराने की कोशिश की गई।

चंद्रचूड़ सिंह का चाची और चचेरे भाइयों पर सीधा निशाना

एक्टर ने साफ शब्दों में अपनी चाची गायत्री देवी सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी चाची और उनके बेटों ने मिलकर फर्जी वसीयत तैयार की, जिसके जरिए ऐतिहासिक हेरिटेज हवेली और उससे जुड़ी कीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। चंद्रचूड़ सिंह ने यह भी दावा किया कि जब उनके दादा बीमार थे और वसीयत बनाने की हालत में नहीं थे, तब उनकी बुआ गवाह के तौर पर मौजूद थीं।

दादाजी के फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

अभिनेता ने साफ कहा कि यह पूरा मामला फ्रॉड और फोर्जरी से जुड़ा है। उनका कहना है कि दादाजी के जाने के बाद उनके फर्जी सिग्नेचर कर फर्जी वसीयत बना ली गई। एक्टर के मुताबिक इस मामले में अभी और भी नाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है।

थाना रोरावर में दर्ज हुई FIR, सात नामजद

चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई की शिकायत के बाद अलीगढ़ के थाना रोरावर में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, गायत्री देवी, जय सिंह और अंजनी सिंह सहित सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर रहे सीओ संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से छानबीन कर रही है और निष्पक्ष जांच के तहत जल्द ही अन्य पक्षों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

शिकायत में जिन आरोपों का जिक्र किया गया है, उनमें फर्जी वसीयत तैयार करना, पैतृक हवेली और जमीन पर अवैध कब्जा करना, तथा राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

प्रोबेट न कराए जाने का आरोप भी

परिवार का यह भी दावा है कि जिस वसीयत के आधार पर संपत्ति ट्रांसफर की कोशिश की गई, उसका कानूनी रूप से प्रोबेट कभी नहीं कराया गया। आरोप है कि तहसील कार्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में भी बदलाव किए गए, जिससे संपत्ति हस्तांतरण को कानूनी जामा पहनाया जा सके।

चंद्रचूड़ सिंह का संपत्ति विवाद मामला

यह पारिवारिक संपत्ति विवाद कोई नया नहीं है। यह मामला पिछले साल दिसंबर 2025 से लगातार चर्चा में बना हुआ है, और अब कानूनी मोर्चे पर नया मोड़ आने के बाद यह एक बार फिर सुर्खियों में है। चंद्रचूड़ सिंह पहले भी सार्वजनिक रूप से इस विवाद को उठा चुके हैं, लेकिन अब पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। वहीं एक्टर और उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस को फर्जीवाड़े से जुड़े सबूत भी सौंपे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। दूसरी ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

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