तीसरी लहर से पहले ही बच्चों को अपना शिकार बना रहा कोरोना, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सिंगापुर से आए नए वेरिएंट को बच्चों के लिए बताया ख़तरनाक़ 

एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया था कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक साबित होगी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में भी बहुत बच्चे इसका शिकार हो रहे हैं।

कोरोना की तीसरी लहर आने से पहले ही महज़ 15 दिनों में कर्नाटक से 19,000 से अधिक बच्चों के कोरोना संकर्मित होने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक ऐसा राज्य हैं जहां दूसरी लहर में लगातार कोरोना मामले सामने आ रहें हैं। वहीं दिल्ली में भी कुछ दिन पहले ही कोरोना से दो बच्चों की मौत हो गई है।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सिंगापुर से आये वेरिएंट को बच्चो के लिए बताया ख़तरनाक: दिल्ली के सीएम  अरविंद केजरीवाल  ने भी सिंगापूर से आये नए वेरिएंट को बच्चों के लिए खतरनाक बताया है, उन्होंने कहा कि यह भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए केंद्र सरकार से यह अपील की :

सिंगापूर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है,भारत में यह तीसरी लहर के रूप में आ सकता है।

केंद्र सरकार से मेरी अपील:

  1. सिंगापुर के साथ हवाई सेवाए तत्काल प्रभाव से रद्द हों 
  2. बच्चों के लिए भी वैक्सीन के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हों।

बच्चों में कोरोना के लक्षण : एक्सपर्ट्स के अनुसार ज्यादातर बच्चों में खांसी,बुखार ,साँस लेने में दिक्क्त,स्वाद न आना,सूंघने में दिक्कत, लगातार नाक का बहना जैसे लक्षण देखने को मिल रहें है। इन लक्षणों के अलावा एक रिसर्च के मुताबिक आँखों का लाल होना,खून के चकते, सिरदर्द, धड़कनो का तेज होना,शरीर के किसी हिस्से में गांठ बनना, हाथ-पैर सूजना जैसे लक्षण भी देखने को मिल रहें हैं।

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