महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को लेकर ED ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को लेकर ED ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अनिल देशमुख अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए अनधिकृत लिस्ट भेजते थे।

मुंबई के पुलिस पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खुलासे के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ गई थी। पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।

चार्जशीट में हुए ये खुलासे

अब प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी चार्जशीट में कई बड़े खुलासे किए हैं। ईडी ने अपनी चार्जशीट में कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 1992 से अपने पद का गलत फायदा उठाया। उन्होंने अवैध रूप से बहुत ज्यादा धन कमाया है। गलत तरीके से कमाए गए पैसे का उपयोग 13 कंपनियों में किया गया था। उन्होंने अपने साथ कई सरकारी कर्मचारियों को भी जोड़ रखा था। चार्जशीट में आगे बताया गया कि बर्खास्त मुंबई पुलिस के सब इंस्पेक्टर सचिन वाजे ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय को बताया कि अनिल देशमुख ने 16 वर्ष के निलंबन के बाद उन्हें मुंबई पुलिस में बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपए की मांग की थी।

सचिन वाजे भी था शामिल

चार्जशीट के अनुसार अनिल देशमुख को सचिन वाजे से नियमित रूप से जानकारी मिल रही थी और वह एक साथ मुंबई में अलग-अलग बार, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों से 100 करोड रुपए की वसूली के इस पूरे रैकेट में शामिल थे।

महाराष्ट्र राज्य के गृह विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने भी गुरुवार के दिन ईडी के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। कुंटे ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के तबादले के लिए अनधिकृत लिस्ट प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख को भेजते थे। उस लिस्ट में से अधिकतर नाम फाइनल सूची में होते थे।

महाराष्ट्र के पूर्व अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव सीताराम कुंटे ने कहा उनका सहयोगी होने के कारण वह उन्हें मना नहीं कर पाते थे। उनके दिए गए नामों की लिस्ट को पुलिस बोर्ड के सामने पेश कर देता था और साथ ही बता देता था कि सुझाव और आदेश अनिल देशमुख की तरफ से जारी किए गए हैं।

आपको बता दें कि ईडी ने पिछले साल धन शोधन मामले में अनिल देशमुख के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। उसी कार्रवाई के तहत सीताराम कुंटे ने अपना बयान दर्ज कराया है।

सीएम ठाकरे ने दिए था ट्रांसफर रद्द करने के आदेश

2020 के जुलाई महीने में मुंबई के 10 डीसीपी के ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया गया था। इस बारे में प्रवृत्त प्रवर्तन निदेशालय ने पूछा तो सीताराम ने कहा उनके पास सीएम उद्धव ठाकरे का फोन आया था और उन्होंने पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के ट्रांसफर आदेश में कमियां बता कर रद्द करने का आदेश दिया था। इसके बाद आदेश रद्द होने के बारे में पूर्व पुलिस कमिश्नर सिंह को फोन कॉल और व्हाट्सएप के जरिए सूचना दी गई थी।

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