कर्जमाफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर देशभर के लाखों किसानों ने किया दिल्ली में आंदोलन

नई दिल्लीः देशभर से आये हुए लाखों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर किया मार्च। जय जवान जय किसान के नारों से गूंज उठी दिल्ली। बृस्पतिवार को देशभर से आये हुए लाखों किसानों ने दिल्ली में मार्च किया। किसान केंद्र सरकार से माँग कर  रहे हैं कि  उन्हें अयोध्य नहीं बल्कि कर्ज से मुक्ति चाहिए।

देश की राजधानी दिल्ली में किसानों ने दो दिवसीय किसान मुक्ति मार्च किया।रात  पुरे देश से आये हुए किसानों ने रामलीला मैदान में आराम किया।आज शुक्रवार को  किसान संसद भवन का घेराव करने के लिए निकल पड़े हैं।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समवन्य समिति के बैनर तले किसानों ने केंद्र सरकार से मांग रखी है। उनकी मांगे हैं ,संसद के शीतकालीन सत्र  में २१ दिवसीय चर्चा हो। जिसमें कृषि संकट,कर्ज से मुक्ति और फसलों के उचित मूल्य एमएसपी पर चर्चा हो।

देश के विभिन्न राज्यों,आंध्रप्रदेश,गुजरात कर्नाटक ,मध्य्प्रदेश महाराष्ट्र,तमिलनाडु उत्तरप्रदेश ,हरियाणा,पंजाब ,बिहार,राजस्थान और पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से आये हुए किसानों  देश की राजधानी दिल्ली में जमावड़ा जमा रखा है। किसानों की कहना है कि  अपने हक लिए बिना भी क्या जीना है।

किसानों की मांगों के समर्थन में कई  राजनैतिक  दलों के नेता भी उतर  चुके हैं। जिनमें दिल्ली के मुख्यंमत्री अरविंद केजरीवाल,एनसीपी के मुखिया शरद पवार,टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी,एलजेपी के नेता शरद यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुख अब्दुल्लाह सहित अनेकों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किसानों की इस रैली को अपना  समर्थन दिया है।

दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने किसानों द्वारा संसद के घेराव को लेकर खास तैयारी की हुई है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार लगभग ३५०० पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

वरिष्ठ पत्रकार पि साईनाथ ने प्रधान मंत्री फसल बीमा  योजना को राफेल डील  से बड़ा घोटाला करार देतें हुए कहा,राफेल डील में तो हमें हवाई जहाज मिल रहे हैं लेकिन फसल बीमा योजना में सिर्फ पूंजीपतियों की जेब में किसानों का पैसा जा रहा है।

 

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