देवदास फिल्म के 18 साल पूरे होने पर माधुरी दीक्षित ने गुरु सरोज खान को याद किया,Video

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Madhuri Dixit remembers Guru Saroj Khan when Devdas film completes 18 years
देवदास फिल्म के 18 साल पूरे होने पर माधुरी दीक्षित ने गुरु सरोज खान को याद किया

बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित,शाहरुख़ खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी देवदास फिल्म के 18 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर माधुरी दीक्षित ने गुरु सरोज खान को बहुत याद किया।

18 Years Of Devdas

संजय लीला भंसाली के निर्देशन में 12 जुलाई 2002 को रिलीज हुई फिल्म देवदास बीते कल अपने शानदार 18 साल पूरे कर चुकी है। फिल्म के गाने आज भी लोगों को बहुत पसंद आते हैं।

देवदास फिल्म के 18 साल होने पर माधुरी दीक्षित ने अपनी गुरु और मशहूर कोरियोग्राफर दिवंगत सरोज खान की याद में अपने इंस्टाग्राम एकाउंट एक वीडियो शेयर करते हुए एक लंबा नोट लिखा है।

सरोज खान का निधन

आप को बता दें ,बॉलीवुड कोरियोग्राफर सरोज खान का दस दिन पहले 3 जुलाई 2020 को बीमारी के कारण निधन हो गया था। सरोज खान ने बॉलीवुड में 3000 से अधिक गानों को कोरियोग्राफ किया। हिंदी सिनेमा जगत में वह पहली महिला कोरियोग्राफर थी। इसलिए उन्हें भारत में कोरियोग्राफी की मां कहा जाता था।

माधुरी दीक्षित ने सरोज खान को याद किया

माधुरी दीक्षित ने फिल्म के 18 साल पूरे होने पर इसे सरोज खान को समर्पित करते हुए लिखा ,” आज हम जब देवदास फिल्म के 18 साल पुरे होने को मार्क करते हैं, तो मैं इस फिल्म में अपने बेहतरीन डांस प्रदर्शन को सरोज खान जी को समर्पित करती हूं। ”

मार डाला गाना ऐसे फिल्माया गया

अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने आगे लिखा ,” सरोज खान जी के साथ हमेशा किसी भी गाने को शूट करना एक अच्छा अनुभव होता था। देवदास बहुत ही खास फिल्म थी। क्योंकि इसके सारे ही गाने बहुत शानदार थे। इस फिल्म से पहले मैंने कभी भी सरोज खान जी के साथ इस तरह का शास्त्रीय नृत्य नहीं किया था। आज वो हमारे साथ नहीं हैं ,लेकिन वो बातें जो हमेशा मुझे याद रहेंगी। ”

एक्ट्रेस ने आगे लिखा ,” ‘मार डाला’ गाने में ऐसे कितने स्टेप्स हैं ,जो काफी कठिन थे। गाने में एक ऐसा स्टेप था ,जब मुझे अपने घुटने पर घूमना था और नीचे झुककर मार डाला स्टेप करना था। जब भी मैं अपने घुटने पर घूमती थी ,फिसल जाती थी। लेकिन जिस तरह सरोज जी ने ‘मार डाला’ गाने को चित्रित किया वह काफी सुंदर था। गाने में काफी सारे मूवमेंट हैं जो काफी कठिन हैं।

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Today as we mark #18YearsOfDevdas I dedicate it to the force behind one of my finest dance performances in the film – Saroj ji. सरोज जी के साथ किसी भी गाने को शूट करना हमेशा की तरह शानदार अनुभव होता था। देवदास बहुत ही स्पेशल फिल्म थी, क्योकि इस फिल्म के सारे गाने बहुत ही ग्रैंड थे। मैंने कभी उनके साथ इस तरह का गाना नहीं किया था। हमने बहुत सारे इंडियन गाने किये थे, लेकिन इस तरह का क्लासिकल डांस नहीं और सरोज जी सेमी क्लासिकल डांसर थी। वो कहती थी," ये जरा कत्थक स्टाइल है, संभाल लेना "। आज वो हमारे साथ नहीं हैं , पर ये वो बातें है जो मुझे हमेशा याद रहेंगी। देवदास के सारे गानों पर हमने बहुत मेहनत कि थी। हम सारी रात शूट किया करते थे, शाम 7 बजे से लेकर सुबह होने तक। जब भी मैंने सरोज जी के साथ काम किया, हमने कभी नहीं सोचा की स्टेप्स कितने आसान हो सकते है, पर हमेशा इस बात पर जोर रहा की हम इसे कितना कठिन कर सकते है। "मार डाला" में भी ऐसे कितने क्षण है, जो काफी कठिन थे ऐसा ही एक स्टेप था जहाँ मुझे अपने घुटने पर घूमना था और नीचे झुककर 'मार डाला' स्टेप करना था। पर जब भी मैं अपने घुटने पर घूमती थी, मैं फिसल जाती थी,पर हम बहुत ही निश्चित थे कि हम ऐसे ही इस मूवमेंट को करना चाहते हैं। इस गाने को लेकर हम काफी उत्साहित थे जिस तरह सरोज जी ने 'मार डाला' को चित्रित किया, बहुत ही सुन्दर है। इस गाने में ऐसे काफी सारे मूवमेंट्स हैं जो काफी कठिन हैं, एक शॉट ऐसा है जहाँ  'मार डाला' चार पांच तरीको से कहा जाता है| सरोज जी ने आईडिया निकाला कि इसे मूवमेंट्स में करने के जगह क्यों न हम चेहरे से अभिव्यक्त करें? एक 'मार डाला' जैसे आश्चर्य, एक जैसे उदास 'मार डाला', फिर एक वैसा जैसे मुझे पता है कि तुम मुझसे प्यार नहीं करते पर मैं करती हूँ इस तरह से इस गाने में हमनें काफी बार 'मार डाला' की अलग अलग अभिव्यक्ति दिखाई। इस गाने में सुंदरता है, पीड़ा है, खुशी है, इसमें वो सारे भाव हैं जो चंद्रमुखी ने महसूस किये हैं, और सरोज जी ने वो सारे भाव बहुत ही सुंदरता से चित्रित किये मुझे आज भी याद है जब शूट पैकउप हुआ, सरोज जी के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी, वो काफी खुश थी मेरी परफॉरमेंस से|

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‘मार डाला’ चार पांच तरीकों से कहा जाता है। फिर सरोज जी ने एक आईडिया निकाला। उनके आईडिया के बाद हमने गाने में अलग-अलग तरह की अभिव्यक्ति दिखाई। गाने में सुंदरता ,ख़ुशी, पीड़ा वो सारे भाव हैं जो चंद्रमुखी ने महसूस किए हैं और और सरोज जी ने बड़ी सुंदरता से चित्रित किए। मुझे आज भी याद है जब शूट का पैकअप हुआ ,सरोज जी के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी। वो मेरी परफॉर्मेंस से काफी खुश थी। ” इस तरह माधुरी दीक्षित ने देवदास फिल्म के 18 साल कंप्लीट होने पर सरोज खान जी को बहुत याद किया।

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