Madvi Hidma killed: आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। स्पेशल फोर्स ने माओवादी कमांडर मादवी हिडमा को ढेर कर दिया है।
एनकाउंटर में मारा गया मोस्ट वांटेड मादवी हिडमा
18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामा राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली मंडल के घने जंगलों में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच सुबह करीब 6:30 से 7 बजे के बीच हुई मुठभेड़ में CPI (माओवादी) के शीर्ष कमांडर मादवी हिडमा मारा गया।
Maoist commander Madvi Hidma killed
यह नक्सल विरोधी अभियानों में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। क्योंकि हिडमा माओवादी संगठन के सेंट्रल कमिटी (CC) का सदस्य था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमिटी का प्रमुख था और PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की बटालियन नंबर-1 का कमांडर था। वह बस्तर क्षेत्र से CC में शामिल होने वाला इकलौता आदिवासी सदस्य था।
मादवी हिडमा का एनकाउंटर
मादवी हिडमा का एनकाउंटर नेल्लूर गांव के पास, मारेदुमिल्ली जंगल में हुआ। यह क्षेत्र आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा त्रि-जंक्शन के करीब है। इस मुठभेड़ में कुल 6 माओवादी मारे गए। जिनमें हिडमा, उसकी पत्नी मादकम राजे (उर्फ राजक्का) और 4 अन्य साथी शामिल हैं। हिडमा पर केंद्र और विभिन्न राज्यों की सरकारों से कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम रखा था।
यह अभियान खुफिया इनपुट के आधार पर चलाया गया। कॉम्बिंग अभी भी जारी है, हथियार बरामद हुए हैं।
हिड़मा कौन था ?
मादवी हिडमा 1981 के आसपास, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुरवाठी/सुकमा गांव में (तब अविभाजित मध्य प्रदेश) का रहने वाला था। Madvi Hidma 13-16 साल की उम्र में ही संगठन में शामिल हो गया था। वह तेज लड़ाकू क्षमता के कारण तेजी से ऊपर उठा। पूर्व माओवादी जनरल सेक्रेटरी नंबाला केशव राव (बसवराजू, मई 2025 में मारा गया) का करीबी था।
26 हमलों का मास्टरमाइंड था Madvi Hidma
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, मादवी हिडमा को 26 माओवादी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके हमलों में सुरक्षा बलों के कई जवान शहीद हुए।
- 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 CRPF जवान शहीद।
- 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता (महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल आदि) शामिल।
- 2021 सुकमा-बीजापुर हमला: 22 जवान शहीद।
- कई अन्य घात लगाकर हमले, IED ब्लास्ट आदि
गृहमंत्री अमित शाह का टारगेट
गृह मंत्री अमित शाह ने टॉप अधिकारियों से बात की और ऑपरेशन की तारीफ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाह ने Madvi Hidma को 30 नवंबर 2025 तक खत्म करने का टारगेट दिया था। वह 12 दिन पहले ही पूरा हो गया। माओवाद के खिलाफ अभियान में यह “ताबूत में आखिरी कील” जैसा माना जा रहा है। मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के लक्ष्य को बड़ा बूस्ट मिला है।





