नेपाल ने यूएन और गूगल सर्च इंजन को विवादित नक्शा भेजने की तैयारी की,भारतीय क्षेत्र पर अधिकार जताया

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नेपाल ने यूएन और गूगल सर्च इंजन को विवादित नक्शा भेजने की तैयारी की,भारतीय क्षेत्र पर अधिकार जताया

पाकिस्तान और चीन के बाद अब पड़ोसी मुल्क नेपाल के साथ रिश्तों में तल्खी आ रही है। भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।

नेपाल की संसद में 13 जून 2020 को भारत के लिम्पियाधुरा ,कालापानी और लिपुलेख को अपने राजनीतिक नक्शे में शामिल करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। अब खबर आ रही है कि नेपाल ने विवादित नक्शे को संयुक्त राष्ट्र और गूगल सर्च इंजन को भेजने की तैयारी कर ली है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली सरकार विवादित नक्शे को अपडेट करने के लिए अब यूएन और दुनिया के सबसे फेमस सर्च इंजन ‘गूगल सर्च इंजन’ को भेजने की तैयारी में है।

पड़ोसी मुल्क नेपाल के नए नक्शे में भारत के लिम्पियाधुरा ,कालापानी और लिपुलेख के कुछ हिस्से शामिल हैं। नेपाली न्यूज़ पोर्टल माय रिपब्लिका की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के भूमि प्रबंधन मंत्री पद्म आर्यल ने कहा ,” हम जल्द ही लिम्पियाधुरा ,कालापानी और लिपुलेख को अंतराष्ट्रीय समुदाय में शामिल करने के लिए संशोधित नक्शा दे रहे हैं। ”

नेपाल पहले ही संशोधित नक्शे की प्रतियां अपने सार्वजनिक कार्यालयों ,राज्यों और जिलों में वितरित कर चूका है। अब तक 20 हजार से ज्यादा प्रतियां प्रकाशित होकर वितरित की जा चुकी हैं। कुलभूषण जाधव ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से किया इंकार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 जुलाई 2020 को लद्दाख दौरे के दौरान कहा था कि भारत दुनिया का इकलौता देश है। जिसने विश्व शांति का संदेश दिया। हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है। और न ही किसी देश की जमीन पर कब्जा किया है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है। हालांकि अभी तक नेपाल के विवादित नक्शे पर उनका कोई ब्यान नहीं आया है।

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