NSA Ajit Doval outlined plan for Operation Sindoor: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आंतकी हमले के बाद भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लॉन्च किया गया था। अब एनएसए अजीत डोभाल ने इस मामले पर खुलकर बोला है।
पहलगाम हमला कब हुआ था ?
2 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसारन घाटी में हुए बर्बर आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों को धर्म पूछकर निशाना बनाया और 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी। इस हमले के पीछे द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हाथ था, जो लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी समूह माना जाता है। आतंकियों ने पीड़ितों से यहां तक कहा था कि “जाकर मोदी से कह दो, जो कर सकते हैं कर लें।”
Declassified: Operation Sindoor: NSA Ajit Doval का खुलासा
इस कायराना हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना सऊदी अरब दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए। एयरपोर्ट पर ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के साथ बैठक हुई। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘Declassified: Operation Sindoor’ में पहली बार विस्तार से खुलासा करते हुए डोभाल ने बताया कि पीएम मोदी का पहला सवाल (PM Modi’s directive) था – “यह किसने किया है? कौन जिम्मेदार है? मुझे तुरंत स्पष्ट जानकारी चाहिए।”
डोभाल के अनुसार, पीएम मोदी का निर्देश बिल्कुल साफ और सख्त था – “हम उनके पीछे जाएंगे। चाहे वे जमीन पर हों, आसमान में हों या पाताल में… जहां भी हों, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। हम उन्हें माफ नहीं करेंगे।”
Operation Sindoor की रणनीति कैसे बनी?
भारत ने तुरंत फैसला लिया कि जवाबी कार्रवाई सिर्फ आतंकियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके पूरे ढांचे को नष्ट करना होगा। खुफिया एजेंसियों ने शानदार काम किया और बहुत कम समय में हमलावरों तथा उनके आकाओं की पहचान कर ली। ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड (Pakistan terror camps) को निशाना बनाना था, जो पहलगाम हमले से जुड़े थे।
9 बड़े आतंकी ठिकाने चुने गए – इनमें से 5 पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में और 4 सीधे पाकिस्तान के अंदर थे। इनमें लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके स्थित ठिकाना और जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय शामिल था। लक्ष्य सिर्फ आतंकियों को मारना नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षण शिविर (Lashkar and Jaish hideouts), लॉजिस्टिक्स हब और कमांड सेंटर को पूरी तरह तबाह करना था।
7 मई 2025 की मध्यरात्रि (लगभग 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच) भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों ने स्कैल्प मिसाइलों और हैमर बमों के साथ सटीक हमले किए। पूरा ऑपरेशन मात्र 23 मिनट में पूरा हो गया। भारत ने दावा किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक लक्ष्य को निशाना नहीं बनाया गया। 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
इसके बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया आई, जिस पर भारत ने और जवाबी कार्रवाई की। कुल मिलाकर यह सैन्य टकराव लगभग 88 घंटे चला(88-hour military operation)। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी।
NSA Ajit Doval का संदेश: सहनशीलता कमजोरी नहीं
एनएसए अजित डोभाल ने साफ कहा कि भारत की सहनशीलता और उदारता को कभी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। “हमने पाकिस्तान आर्मी को यह संदेश देना चाहा कि आतंकवाद को समर्थन देना या आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करना हमारे लिए बर्दाश्त के बाहर है। भारत जोखिम ले सकता है और बिना परिणाम की परवाह किए कड़ा प्रहार कर सकता है।”
उन्होंने जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। जब तक आखिरी आतंकवादी का खात्मा नहीं हो जाता, लड़ाई नहीं रुकेगी।
यह ऑपरेशन भारत की नई सुरक्षा नीति का प्रतीक बन गया – जहां आतंक के खिलाफ जवाब सीमा पार जाकर, सटीक और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलाने और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत ने जो रास्ता चुना, वह दुनिया के लिए साफ संदेश है।

