Oral and anal sex between husband: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पति पत्नी के बीच विवाद के एक मामले पर अहम फैसला सुनाया है। अदातल ने कहा कि Oral sex और Anal sex अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।
Oral sex और Anal sex पर कोर्ट की मुख्य बातें
- कोर्ट और जज का नाम : जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की सिंगल बेंच का आदेश
- हाई कोर्ट ने कहा कि पति और पत्नी के बिछ ओरल सेक्स या अनल सेक्स भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत दंडनीय अपराध नहीं है।
Oral sex और Anal sex का मामला क्या था ?
एक महिला ने अपने पति, ससुर,सास और ननद के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया कि शादी के समय लगभग 4 लाख रुपए दहेज, सोने के गहने और घरेलू सामान दिए गए थे। लेकिन बाद में पति के परिवार ने 6 लाख और बुलेट मोटरसाइकिल मांगी। साथ ही महिला ने आरोप लगाया कि पति ने उसके साथ दर्द भरे यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जिससे उसे शारीरिक पीड़ा हुई। ससुर ने भी अनुचित व्यवहार किया। पुलिस ने IPC की धारा 377, 498 A, 354 और अन्य धाराओं,दहेज विधेयक अधिनयम के तहत केस दर्ज किया।
पति की कोर्ट से मांग
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, पति ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सेक्शन 482 CrPC के तहत याचिका दायर कर पूरी एफआईआर और केस खारिज करने की मांग की। उसके वकील का तर्क था कि आरोप अतिरंजित हैं और वैवाहिक संबंध में धारा 377 लागु नहीं होती।
Oral sex और Anal sex: कोर्ट की टिप्पणियां
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा :
- शिकायतकर्ता पति के खिलाफ लगाए गए आरोप, भले ही उन्हें सत्य मान लिया जाए, वैवाहिक संबंध के अंदर किए गए कार्यों से संबंधित हैं। ऐसे आरोप IPC के सेक्शन 377 के तहत अपराध नहीं बनते।
- पति के खिलाफ 377 किन धारा पूरी तरह खारिज कर दी गई।
- ननद के खिलाफ धारा पूरी तरह खारिज कर दी गई।
- लेकिन पति और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी के मामले जारी रहेंगे। इन पर ट्रायल होगा।
मामले का सारांश
वैवाहिक संबंध में Oral sex या Anal sex चाहे सहमति के साथ हों या बिना सहमति के हों, धारा 377 के तहत सजा नहीं दी जा सकती है। क्योंकि कानून अभी शादीशुदा रेप को अलग से अपराध नहीं मानता है।





