अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव केस में निष्पक्ष सुनवाई करने में असफल रहा पाकिस्तान, भारत सरकार ने गिनाई कानूनी खामियां

पाकिस्तान जेल में बंद का कुलभूषण जाधव का केस अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पहुंचा था। पाकिस्तान की तरफ से पारित किए गए कानून में भले ही कुलभूषण जाधव को मौत की सजा का ऐलान किया गया हो लेकिन इसके खिलाफ अपील करने का अधिकार देता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुलभूषण जाधव केस में आईसीजे में हुई निष्पक्ष सुनवाई में कई खामियां  गिनाई है।

पाकिस्तानी अदालत से पारित किया गया कानून भले ही कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार देता है लेकिन इसमें काफी खामियां हैं। भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस कानून में भी पिछले अध्यादेश की तरह कई गड़बड़ियां हैं। पाकिस्तान निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने में माहौल बनाने में असफल रहा है।

अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कही ये बात

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा,” हमने कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले को लागू करने वाली पाकिस्तान की रिपोर्ट देखी है।  सच से आगे कुछ नहीं हो सकता था। जैसा कि पहले भी कहा गया है। अध्यादेश ने कुलभूषण जाधव के मामले की प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार के लिए व्यवस्था तैयार नहीं की है। जैसा कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले में बताया गया था।”

काउंसलर एक्सेस से वंचित करता रहा पाकिस्तान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को निर्बाध काउंसलर एक्सेस से वंचित करता रहा है वह ऐसा माहौल बनाने में विफल रहा है। जिसमें निष्पक्ष सुनवाई की जा सके। भारत सरकार ने कई बार पाकिस्तान से आई से जे के फैसले का पालन करने का आह्वान किया है ।

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भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस नहीं दिया है। गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने साल 2017 में जासूसी करने का आरोपी ठहराया था। भारत सरकार ने इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट में खींचा। जहां पाकिस्तान को इस मामले में मुंह की खानी पड़ी। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने का आदेश दिया था।

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