पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में जासूसी के लिए 300 सुंदर लड़कियों को किया भर्ती, हनी ट्रैप की दी जाती है ट्रेनिंग

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने भारत के खिलाफ ऑपरेशन शेरनी शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से आईएसआई ने अपने देश में बैठकर ही भारत श्री लंका बांग्लादेश और म्यांमार में 300 महिला एजेंट की भर्ती की है।

ISI का नया जाल 

आईएसआई ने भारतीय सीमाओं पर जासूसी के लिए जोन वार कॉल सेंटर बनाए हैं। जासूसी के लिए भर्ती की गई लड़कियों को बाकायदा स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें 180 दिन की ऑनलाइन और डार्क वेब की ट्रेनिंग दी जाती है साथ में हनी ट्रैप के लिए एक खास ट्रेनिंग दी जाती है। आई एस आई के इस ऑपरेशन का खुलासा हाल ही में हनी ट्रैप का शिकार हुए जोधपुर में तैनात भारतीय सेना के जवान प्रदीप कुमार प्रजापत ने खुफिया एजेंसियों की पूछताछ के दौरान किया। 

पकड़े गए जवान ने किया खुलासा 

आपको बता दें, हाल ही में राजस्थान के जोधपुर जिले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले आरोपी जवान प्रदीप कुमार प्रजापत को गिरफ्तार किया गया था। हनी ट्रैप का शिकार हुआ प्रदीप भारतीय सेना की खुफिया जानकारियां पाकिस्तानी एजेंसी को भेजता था। प्रदीप को पाकिस्तान की महिला एजेंट ने रिया बनकर आपने हनीट्रैप में फसाया था। रिया के जाल में फंस कर प्रदीप सारी जानकारियां लड़की को दे रहा था। भारतीय खुफिया एजेंसी ने पूछताछ के बाद रिया को लेकर जांच पड़ताल की तो सामने आया कि वह आई एस आई की एक ट्रेंड जासूस है। 

दी जाती है खास ट्रेनिंग 

रिया ने अपने कमरे में हिंदू देवी देवताओं की फोटोस लगा रखी थी। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का दावा है कि इन महिला एजेंटों को भारतीय सीमा पर जिस इलाके में जासूसी के लिए तैनात किया जाता है उस इलाके के रहन-सहन स्थानीय बोली और धार्मिक आस्था की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। जम्मू कश्मीर को छोड़कर बाकी इलाकों के लिए तैनात महिला एजेंटों के हाथ पर कलावा बांधने , माथे पर बिंदिया रखने और हिंदू पहचान के लिए खास पहनावे की ट्रेनिंग दी जाती है। साभार: न्यूज़ 18 

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