भारत नेपाल मानचित्र विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान

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Statement of Defense Minister Rajnath Singh on India Nepal map dispute
भारत नेपाल मानचित्र विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान

नेपाल की संसद में भारतीय क्षेत्र को शामिल किए गए नए मानचित्र को पारित किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत नेपाल रिश्तों को लेकर वर्चुअल रैली में अपना रुख साफ किया।

नेपाली संसद में पारित हुआ मैप

बीते शनिवार को नेपाल की संसद में भारतीय क्षेत्र को शामिल किए गए नए मानचित्र को अपडेट करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया। नेपाल संसद के 275 सदस्यों में से 258 सदस्य सदन में मौजूद रहे और सभी ने नए नक्शे के पक्ष में वोट डाला। संशोधित मानचित्र में भारत के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लिपुलेख ,लिंपियाधुरा और कालापानी क्षेत्रों पर दावा किया गया है।

बीजेपी की वर्चुअल रैली

मोदी सरकार के दो साल पुरे होने पर कोरोना वायरस काल में , भारतीय जनता पार्टी लगातार वर्चुअल रैलियां कर रही है। आज सोमवार के दिन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल रैली के माध्यम से उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने पड़ोसी मुल्क नेपाल के साथ भारत के रिश्तों पर अपना रुख स्पष्ट किया है।

मानसरोवर यात्रा

रक्षा मंत्री रजनाथ सिंह ने कहा ,” पहले मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए तीर्थ यात्री सिक्किम के नाथुला से यात्रा का रूट लेते थे। लेकिन पिछले दिनों सीमा सड़क संगठन ( BRO ) ने धारचूला-लिपुलेख तक लिंक सड़क का निर्माण करके मानसरोवर यात्रा करने का नया रास्ता दे दिया है। इससे मानसरोवर यात्रियों को बहुत सुविधा होगी। ”

नेपाल के साथ रोटी बेटी का रिश्ता

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा , ” हमारे पड़ोसी देश नेपाल में इस सड़क को लेकर कई गलतफहमियां पैदा हुई। भारत और नेपाल के बीच का जो रिश्ता हैं ,वह सामान्य रिश्ता नहीं है। भारत और नेपाल का रिश्ता रोटी और बेटी का है। नेपाल के साथ हमारे केवल सामाजिक भौगोलिक ,ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक रिश्ते भी हैं। भारत नेपाल सीमा को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी है। उसको मिल बैठकर बातचीत के माध्यम से हल कर लेंगे। नेपाल के लोगों के प्रति भारत की कभी कटुता नहीं रही है। “

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