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Tejalben Damor ने 400m में Silver Medal जीता

Tejalben Damor ने 400m में Silver Medal जीता

Tejalben Damor wins Silver Medal: एशियन पैरा गेम्स 2026 में गुजरात की तेजलबेन डामोर ने महिलाओं की 400 मीटर T12 स्पर्धा में 57.60 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। पहले 200 मीटर में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।

Tejalben Damor ने 400 मीटर T12 में रजत पदक जीता

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को एक और खुशी मिली है। गुजरात की दृष्टिबाधित धाविका तेजलबेन डामोर ने महिलाओं की 400 मीटर T12 स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर लिया।

Tejalben Damor ने कितने समय में रजत पदक जीता ?

तेजलबेन ने फाइनल में 57.60 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। स्वर्ण पदक ईरान की हाजर सफरजादेह के नाम रहा, जिन्होंने 56.43 सेकंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

यह तेजलबेन का इस खेलों में दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था और अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय भी दर्ज किया था।

गुजरात की बेटी का संघर्ष भरा सफर

तेजलबेन अमराजी डामोर दाहोद जिले की रहने वाली हैं। 24 वर्षीय यह धाविका T12 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जो दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए है। वे गांधीनगर स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कोच नितिन चौधरी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेती हैं।

Tejalben Damor का पिछले रिकॉर्ड

2022 में पैरा एथलेटिक्स शुरू करने वाली तेजलबेन ने लगातार प्रगति की है। 2025 में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छठा स्थान, 2026 नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण और दुबई पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में भी स्वर्ण पदक उनके नाम रहा।

200 मीटर में पदक जीतने के बाद उन्होंने खुद कहा था कि उनकी मुख्य स्पर्धा 400 मीटर है। उन्होंने और उनके कोच ने 200 मीटर को आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका माना था। अब रजत पदक के साथ उन्होंने अपनी मुख्य स्पर्धा में भी कमाल दिखा दिया।

दो स्पर्धाएं, दो पदक

एशियन पैरा गेम्स में डेब्यू करने वाली तेजलबेन ने दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है। 200 मीटर में कांस्य और 400 मीटर में रजत—यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का नतीजा है।

SAI गांधीनगर ने भी उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि दो स्पर्धाओं में दो पदक भारत के लिए गर्व का पल है।

तेजलबेन की यह सफलता सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के बावजूद सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। दृष्टिबाधा जैसी चुनौती के बावजूद ट्रैक पर उनकी दौड़ देश को गौरवान्वित कर रही है।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार पदक जोड़ रहे हैं। तेजलबेन डामोर जैसे एथलीट देश की पैरा स्पोर्ट्स की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

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