Twitter CEO और शीर्ष अधिकारीयों ने संसदीय पैनल के सामने पेश होने से किया इंकार

संसदीय समिति के सूत्रों के अनुसार,ट्विटर के सीईओ और शीर्ष अधिकारीरियों ने समिति के सामने पेश होने से इंकार कर दिया। आईटी विभाग ने ,नागरिकों के अधिकारों को सोशल मीडिया पर सुरक्षित रखने के लिए ट्विटर के अधिकारीयों को तलब किया था।

ट्विटर ने “संक्षिप्त सुचना” का हवाला देते हुए नहीं पेश होने का कारण बताया।
बैठक में हाजिर होने के लिए 1 फरवरी को,ट्विटर को पत्र लिखा गया था।
संसदीय समिति की बैठक 7 फरवरी को होने वाली थी,लेकिन बाद में इसे 11 फरवरी 2018 तक के लिए टाल दिया गया था।

आज शनिवार के दिन,पैनल के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार,ट्विटर के सीईओ और अधिकारीयों ने संसदीय समिति के समाने पेश होने से इंकार कर दिया है।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने 1 फरवरी को एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से,ट्विटर को सम्मन जारी किया था।

1 फरवरी को संसदीय आईटी समिति द्वारा ट्विटर को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “यह ध्यान देने वाली बात है कि संगठन के प्रमुख को समिति के समक्ष उपस्थित होना है।”लिखा गया कि प्रमुख किसी दूसरे प्रतिनिधि को भी साथ ला सकता है।

Piyush Goel on ‘Twitter CEO&senior officials refusing to appear before Parliamentary Committee on IT:Chairman of RS&Speaker of LS will decide on what will be the action in such cases when somebody refuses to submit before parliamentary committee,govt doesn’t take decisions on it. pic.twitter.com/tYcn0rNVlK— ANI (@ANI) February 9, 2019



संसदीय आईटी समिति को 7 फरवरी को विजय गद्दे से एक पत्र मिला ,क़ानूनी ,नीति ,विश्वास और सुरक्षा के लिए ,कोई भी जो ट्विटर इंडिया के लिए सार्वजनिक रूप से सलंग्न नहीं है ,भारत में ट्विटर अकाउंट या सामग्री के लिए ,हमारे नियमों के संबध में प्रवर्तन निर्णय लेता है।

विजय गद्दे के पत्र में कहा गया,भारतीय संसदीय आईटी समिति में ट्विटर प्रतिनिधित्व करने के लिए एक जूनियर कर्मचारी को नियुक्त करना खास तौर पर भारतीय सांसदों के साथ अच्छा नहीं हुआ है। क्योंकि उनके पास कोई निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।

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