Vaibhav Suryavanshi scored 175 runs off 80 balls: वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रन बनाए हैं। जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे।
Vaibhav Suryavanshi ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने U19 World Cup 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ तूफानी पारी खेली है। सूर्यवंशी ने 80 गेंदों पर 175 का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके अलावा उन्होंने इसी मैच में 55 गेंदों पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे तेज शतक था। उन्होंने 72 गेंदों पर 150 रन बनाए और 80 पर 175 रन बनाए। हालांकि वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप के फाइनल में दोहरा शतक बनाने से चूक गए। सूर्यवंशी की यह पारी भारत की जीत में अहम रही। वैभव की धमाकेदार पारी से भारत को मजबूत शुरुआत मिली।
Vaibhav Suryavanshi के अन्य बड़े रिकार्ड्स
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों पर 101 रन बनाए। उन्होंने ये शतक 11 छक्कों और 7 चौकों की मदद से बनाया। वे सबसे कम उम्र के टी20 शतकवीर हैं। वैभव ने यूथ ODI में इंग्लैंड के खिलाफ 52 गेंदों पर शतक जड़ा था। वे सबसे कम उम्र के सबसे तेज शतकवीर हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में Vaibhav Suryavanshi के रन
वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों पर 190 रन बनाए थे। उन्होंने 12 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर 19 टेस्ट डेब्यू पर शतक जड़ा।
वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में 19 अप्रैल 2025 को डेब्यू किया था। उन्होंने 14 साल और 23 दिन की उम्र में IPL में डेब्यू किया था।उन्होंने अपने डेब्यू मैच में पहली गेंद पर 80 मीटर का छक्का मारकर धमाकेदार शुरुआत की थी। उन्होंने अपने आईपीएल डेब्यू मैच में 20 गेंदों का सामना करते हुए 34 रन बनाए थे।
वैभव सूर्यवंशी का जन्म और परिवार
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर के एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी एक किसान हैं। जिन्होंने खेत बेचकर वैभव का क्रिकेट करियर बनाया।
वैभव सूर्यवंशी की शिक्षा
Vaibhav Suryavanshi डॉ मुक्तेश्वर सिन्हा स्कूल में 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं। वे इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा देंगे। क्रिकेट शेड्यूल के कारण वे स्कूल कम जाते हैं। उन्हें स्कूल से छूट मिली हुई है।





