Seema Kaliramna उभरती हुई भारतीय discus thrower खिलाडी हैं। सीमा कालीरामना ने हाल ही में ग्लास्गो कामनवेल्थ गेम्स 2026 में डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता है।
Seema Kaliramna पीएचडी रिसर्च स्कॉलर
सीमा कालीरामना भारतीय एथलेटिक्स की उभरती हुई डिस्कस थ्रो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने हाल ही में 2026 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इससे पहले वह 2025 राष्ट्रीय खेलों और दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। खास बात यह है कि सीमा एक सफल एथलीट होने के साथ-साथ पीएचडी रिसर्च स्कॉलर, मां और शोधकर्ता भी हैं। उनका जीवन खेल, शिक्षा और परिवार के बीच संतुलन का प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।
Seema Kaliramna का जन्म और प्रारंभिक जीवन
सीमा कालीरामना हरियाणा के भिवानी जिले से हैं। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनका जन्म वर्ष 2000 के आसपास माना जाता है और 2025–26 के दौरान उनकी आयु लगभग 24–25 वर्ष बताई गई है। बचपन में उन्हें कबड्डी, बॉक्सिंग और कुश्ती जैसे खेलों में भी रुचि थी, लेकिन स्कूल के एक खेल शिक्षक की सलाह पर उन्होंने डिस्कस थ्रो अपनाया। धीरे-धीरे यही खेल उनकी पहचान बन गया और उन्होंने जूनियर स्तर से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक शानदार प्रदर्शन किया।
Seema Kaliramna की शिक्षा
सीमा केवल मैदान पर ही नहीं बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। वह चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU), भिवानी के शारीरिक शिक्षा विभाग से पीएचडी कर रही हैं। “Imagery and Positive Self-Talk Training on Athletic Performance” अर्थात एथलेटिक प्रदर्शन पर इमेजरी (मानसिक चित्रण) और सकारात्मक सेल्फ-टॉक प्रशिक्षण का प्रभाव।
उनका शोध इस बात का अध्ययन करता है कि मानसिक तैयारी, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच किस प्रकार खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं। सीमा का मानना है कि मानसिक मजबूती किसी भी खिलाड़ी की सफलता में शारीरिक प्रशिक्षण जितनी ही महत्वपूर्ण होती है।
Seema Kaliramna का खेल करियर
सीमा ने जूनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और बाद में लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। उनके करियर में कई उपलब्धियां शामिल हैं।
- 2020 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक।
- 2025 राष्ट्रीय खेलों में महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक।
- 2025 दक्षिण एशियाई सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक।
- 2026 एशियाई खेलों के लिए भी उन्होंने क्वालीफाई किया।
Seema Kaliramna का परिवार और पति
सीमा के पति रविंदर हैं, जो स्वयं पूर्व राष्ट्रीय स्तर के डिस्कस थ्रो खिलाड़ी रहे हैं और वर्तमान में उनके कोच भी हैं। सीमा कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि शादी के बाद रविंदर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
दोनों का एक बेटा रुद्र (Rudra) है। बेटे के जन्म के बाद सीमा लगभग 11 महीने खेल से दूर रहीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। उनके माता-पिता और ससुराल पक्ष ने बच्चे की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जिससे सीमा अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण दोनों जारी रख सकीं।
सीमा का संघर्ष और शानदार वापसी
सीमा का सफर आसान नहीं रहा। करियर के दौरान उन्हें गंभीर घुटने की चोट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे लगभग तीन वर्षों तक प्रतियोगिताओं से दूर रहीं। इसी दौरान कोविड-19 महामारी और मातृत्व की जिम्मेदारियां भी आईं।
खेल में वापसी के शुरुआती दिनों में उन्हें डिस्कस सही ढंग से छोड़ने में भी कठिनाई होती थी। लेकिन नियमित प्रशिक्षण, मानसिक दृढ़ता और पति-कोच रविंदर के मार्गदर्शन से उन्होंने न केवल वापसी की बल्कि राष्ट्रीय खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स तक पदक जीतने में सफलता प्राप्त की।
सीमा का व्यक्तिगत जीवन
सीमा अपने दिन का अधिकांश समय अभ्यास, फिटनेस, शोध कार्य और परिवार के साथ बिताती हैं। वह मानती हैं कि एक खिलाड़ी के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत सबसे बड़ी पूंजी होती है। उनकी पीएचडी का विषय भी इसी सोच को दर्शाता है कि मानसिक प्रशिक्षण से प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
सीमा कालीरामना की टोटल नेट वर्थ कितनी है ?
सीमा कालीरामना की नेट वर्थ (संपत्ति) को लेकर कोई आधिकारिक या विश्वसनीय सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी निश्चित राशि का दावा करना उचित नहीं होगा। उनकी आय के संभावित स्रोतों में सरकारी पुरस्कार, प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि, खेल प्रोत्साहन योजनाएं, प्रायोजन (यदि उपलब्ध हों) तथा अन्य खेल-संबंधी सहायता शामिल हो सकती हैं, लेकिन इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीमा का भविष्य का लक्ष्य
सीमा का लक्ष्य केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं है। वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। इसके साथ ही उनका सपना भारतीय महिला डिस्कस थ्रो का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने और विश्व स्तर पर भारत के लिए पदक जीतने का है। इसके लिए वह अपने खेल, शोध और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाकर लगातार मेहनत कर रही हैं।

