Harjinder Kaur भारत की प्रमुख महिला वेटलिफ्टर हैं। हरजिंदर ने कामनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 69 किलोग्राम भर वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा।
Harjinder Kaur ने CWG में जीता रजत पदक
Harjinder Kaur भारत की एक प्रमुख महिला वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने जुलाई 2026 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 69 किग्रा श्रेणी में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 101 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा उठाकर कुल 227 किग्रा का पर्सनल बेस्ट बनाया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे उन्होंने 2022 बर्मिंघम गेम्स के ब्रॉन्ज (71 किग्रा में 212 किग्रा) को अपग्रेड कर दिया।
Harjinder Kaur कौन हैं ?
उनका जन्म 14 अक्टूबर 1996 को पंजाब के पटियाला जिले के नाभा के पास मेहस गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। पिता साहिब सिंह छोटे किसान थे । मां कुलदीप कौर गृहिणी और एक भाई प्रीतपाल/प्रीतपाल सिंह। परिवार एक कमरे के घर में रहता था। उनका परिवार छह भैंसें पालता था और आर्थिक तंगी झेलता था। बचपन में हरजिंदर खेतों में मदद करतीं और चारा काटने वाली मशीन चलाकर मवेशियों का भूसा काटतीं। इसी मेहनत से उनके हाथों की ग्रिप और बाहों की ताकत विकसित हुई, जो बाद में वेटलिफ्टिंग में काम आई।
Harjinder Kaur ने कबड्डी से की थी शुरुआत
हरजिंदर ने शुरुआत कबड्डी से की थी। वह नाभा गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में वे कबड्डी खेलतीं और कई किलोमीटर साइकिल चलाकर ट्रेनिंग जातीं। वे एसजीटीबी खालसा कॉलेज, आनंदपुर साहिब में भी कबड्डी टीम का हिस्सा रहीं। पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के स्पोर्ट्स विंग में शामिल होने पर कोच परमजीत शर्मा ने उनकी प्राकृतिक ताकत को रस्साकशी (tug-of-war) में देखा। उन्होंने 2016 में उन्हें वेटलिफ्टिंग की ओर मोड़ा। शुरुआती दिनों में वित्तीय समस्याएं रहीं—परिवार ने ऋण लिए, पिता यात्रा और जेब खर्च के लिए सीमित पैसे देते थे। कोच ने भी सहयोग किया; कोविड लॉकडाउन में वे उनके घर पर ट्रेनिंग करती रहीं।
Harjinder Kaur ने तेजी से नाम कमाया
नेशनल स्तर पर उन्होंने तेजी से नाम कमाया। 2017 में इंटर-स्टेट और सीनियर नेशनल में मेडलबाद में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड (जैसे 2022 उड़ीसा में । इसके बाद के वर्षों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। 2021 कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में सिल्वर, 2021/2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मेडल और एशियन चैंपियनशिप में भी प्रदर्शन शामिल हैं। वे नेशनल रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं।
Harjinder Kaur का अंतरराष्ट्रीय करियर
2022 बर्मिंघम में 71 किग्रा में ब्रॉन्ज उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का बड़ा मोड़ था। 2026 में 69 किग्रा श्रेणी में उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में गेम्स रिकॉर्ड तोड़े (अस्थायी रूप से) और लगभग पर्फेक्ट लिफ्ट्स दिए। कनाडा की शार्लोट सिमोनो के पीछे सिल्वर मिला। यह भारत का वेटलिफ्टिंग में सातवां मेडल था।
हाजिंदर कौर का संघर्ष और प्रेरणा
हरजिंदर की कहानी संघर्ष मेहनत और ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने की है। खेतों की मेहनत से मिली ताकत, कोच के मार्गदर्शन और परिवार के बलिदान ने उन्हें स्टार बनाया। वे भारतीय वेटलिफ्टिंग की निरंतरता और गहराई का प्रतीक हैं। भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर और ऊंचाई छूने की उम्मीद बनी हुई है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए प्रेरणा है।

