32 Indians Die Fighting in the Russian Army: यूक्रेन के खिलाफ रूस के लिए युद्ध लड़ते हुए अब तक 32 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है।
Russian Army में लड़ते हुए अब तक 32 भारतीयों की मौत
- मृतकों की संख्या :32 भारतीय नागरिक नागरिक रुसी सेना ( Russian Army) में भर्ती होकर यूक्रेन के मोर्चे पर लड़ते हुए मारे गए।
- अभी भी फंसे हुए : भारतीय सरकार और मॉस्को में भारतीय दूतावास 35 एक्टिव केस पर काम कर रहे हैं, जिन भारतियों को रुसी सेना से रिहा करवाने की कोशिश की जा रही है।
- कुल भर्ती : अब तक 214 भारतीयों को रुसी सेना में भर्ती कराए जाने की रिपोर्ट है। इनमें से 135 को पहले ही छुट्टी या रिहाई मिल चुकी है।
- लापता भारतीय : लापता भारतीयों की संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है।
- दिसंबर 2025 में विदेश राज्य मंत्री कीरति वर्धन सिंह ने संसद में बताया था कि 26 भारतीय मारे गए हैं और 7 लापता हैं। अब ये आंकड़े बढ़ गए हैं।
32 Indians in Russian Army: कुल मृतकों के नाम और विवरण
- समरजीत सिंह : पंजाब के लुधियाना के अमरपुरी इलाके में रहने वाले समरजीत सिंह जुलाई 2025 में काम की तलाश में गए थे और मारे गए।
- सचिन खजुरिया : 24 वर्षीय सचिन जम्मू के अखनूर के रहने वाले थे। उनकी मौत पिछले साल हुई थी। शव परिवार के पास पहुंचाया गया।
- मनजिंदर सिंह : जम्मू के आरएसपुरा के रहने वाले थे। फरवरी 2026 में उनका शव वापस लाया गया।
- गीतिक शर्मा : हरियाणा के कैथल जिले की रहने वाले थे। मार्च 2025 में काम की तलाश में रूस गए और मारे गए। उनका शव मार्च के अंत में वापस लाया गया।
रुसी सेन में कैसे हो रही है भारतीयों की भर्ती ?
भारतीय एजेंट्स लोगों को रूस में अच्छी सैलरी, बोनस और रुसी नागरिकता का लालच देकर Russian Army में भर्ती करवा रहे हैं। कई भारतीय रूस में क्लीनर, प्लंबर और भवन निमार्ण मजदूरों जैसी नौकरियों के लिए गए थे लेकिन एजेंट्स ने उन्हें सेना में हेल्पर या फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में धकेल दिया। रूस में भारतीय कामगारों की संख्या हाल ही में बढ़कर 1 लाख से अधिक हो गई है। यह भर्ती भारत-रूस संबंधों में एक छोटी से परेशानी बनकर उभर रही है।
भारत सरकार की कार्रवाई
- भारतीय विदेश मंत्रालय और रूस में भारतीय दूतावास लगातार रुसी अधिकारीयों के संपर्क में है।
- अब तक 135 भारतीय नागरिकों को रिहा करवाया जा चूका है।
- 35 सक्रिय मामलों पर काम जारी है।
- भारत रूस से मांग की है कि ऐसी भर्ती को तुरंत रोका जाए।
सैंकड़ों भारतीय युवा रूस में बेहतर नौकरी की तलाश में गए लेकिन और युद्ध के चंगुल में फंस गए। सरकार और दूतावास इन मामलों पर नजर बनाए हुए हैं। शवों को वापस लाने और बाकि लोगों को सुरक्षित निकालने के सरकार के प्रयास जारी हैं।





