Wife-Swapping Case In India: भारत में पति पत्नी की अदला बदली या कपल स्वैपिंग के हाई प्रोफाइल मामले बहुत चर्चा में रहे हैं। ये मामले मीडिया में सनसनीखेज बने और सुर्खियां बटोरी।
भारत में पत्नियों की अदला-बदली के मामले
भारत में ‘वाइफ स्वैपिंग’ (पत्नी अदला-बदली या कपल स्वैपिंग) के हाई-प्रोफाइल मामले मुख्य रूप से जबरदस्ती, घरेलू हिंसा और कानूनी शिकायतों से जुड़े हैं, न कि सहमति वाले स्विंगिंग क्लबों से। ये मामले मीडिया में सनसनीखेज बने क्योंकि उनमें सशस्त्र बल, उच्च वर्गीय समाज या शहरी परिवार शामिल थे। कानूनी रूप से सहमति वाली गतिविधि अपराध नहीं है, लेकिन जबरदस्ती, उत्पीड़न या गैर-सहमति होने पर क्रूरता, बलात्कार या अन्य धाराओं में केस दर्ज होते हैं।
नौसेना Wife-Swapping स्कैंडल
यह सबसे चर्चित मामला है। एक नौसेना अधिकारी (मरीन कमांडो) की पत्नी सुजाता रवि किरण ने आरोप लगाया कि उनके पति और सहकर्मी अधिकारी INS कोच्चि और विशाखापत्तनम बेस पर वाइफ स्वैपिंग पार्टियों में शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि पति ने उन्हें जबरन सहयोगियों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया, मना करने पर शारीरिक-मानसिक यातनाएं दीं, और सेक्सुअल अब्यूज हुआ।
टाइम ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में SIT (विशेष जांच टीम) गठित करने का आदेश दिया। केस ने पूरे देश में सशस्त्र बलों की नैतिकता पर सवाल उठाए। मीडिया ने इसे बड़े स्तर पर कवर किया। जांच हुई, लेकिन परिणाम विवादास्पद रहे। महिला ने कई शिकायतें दर्ज कराईं।
नोएडा Wife-Swapping केस
एक महिला (ग्वालियर से) ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसने शराब पिलाकर उसे दोस्त के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया, बदले में पति दोस्त की पत्नी के साथ सोया। यह 2022 की एक हाउस पार्टी में हुआ, लेकिन FIR 2023 में दर्ज हुई।
9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज। नोएडा/ग्रेटर नोएडा के मध्यवर्गीय/उच्च वर्गीय समाज में सनसनी फैली। मीडिया ने इसे “शॉकिंग” बताया। महिला ने पति पर आय-शिक्षा छिपाने और क्रूरता के भी आरोप लगाए।
सूरत कपल स्वैपिंग केस
सूरत की एक महिला (सीमा, नाम बदला) ने शादी के सिर्फ 3 महीने बाद पति पर आरोप लगाया कि वह उसे कपल स्वैपिंग नेटवर्क में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा था। फेसबुक फेक आईडी, होटल बुकिंग्स और मिडिल-क्लास कपल्स को ₹20,000 तक ऑफर का दावा। मना करने पर मारपीट। गुजरात में “की क्लब्स” और स्वैपिंग की चर्चा तेज हुई। पुलिस और फैमिली कोर्ट में केस चल रहा। सोशल मीडिया पर वायरल।
लखनऊ कोर्ट वाइफ स्वैपिंग केस
लखनऊ में एक पति ने तलाक की याचिका दायर की, जिसमें पत्नी पर आरोप था कि वाइफ स्वैपिंग के बाद वह उसके दोस्त की ओर आकर्षित हो गई। यह फैमिली कोर्ट का “पहला” ऐसा मामला बताया गया। उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना। मीडिया ने इसे असामान्य तलाक केस के रूप में कवर किया।
दिल्ली हाई कोर्ट केस
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक पति की जमानत याचिका खारिज की, जिसमें आरोप था कि उसने पत्नी को वाइफ स्वैपिंग के लिए मजबूर किया, होटल में दोस्तों द्वारा मोलेस्ट कराया, ब्लेड से हाथ काटे और सोशल मीडिया पर फेक आईडी से सेक्स के लिए ऑफर किया। कोर्ट ने कहा कि यह “स्टिरियोटाइप्ड मैट्रिमोनियल डिस्प्यूट” नहीं है। केस ने क्रूरता और जबरदस्ती के मुद्दे पर बहस छेड़ी।
वाइफ स्वैपिंग के अन्य मामले
राजस्थान, लखनऊ (2024) और बिजनेसमैन केस (दिल्ली/यूपी) में जबरदस्ती के आरोप आए। ग्रामीण/टियर-2 शहरों (बाराबंकी, रोहतक आदि) में भी रिपोर्ट्स हैं, लेकिन हाई-प्रोफाइल कम हैं।
कपल स्वैपिंग या वाइफ स्वैपिंग का समाज पर प्रभाव
ज्यादातर मामलों में “स्वैपिंग” जबरदस्ती या एकतरफा दबाव से जुड़ी है। जो घरेलू हिंसा का रूप ले लेती है। सहमति वाले मामलों की रिपोर्टिंग कम होती है क्योंकि वे गुप्त रहते हैं। ये केस सामाजिक बदलाव, सोशल मीडिया ग्रुप्स और शहरी तनाव को दर्शाते हैं, लेकिन भारतीय कानून और संस्कृति में विवादास्पद बने रहते हैं।

