Lok Sabha Speaker Om Birla

Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव रखा है। विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोक सभा सचिवालय को सौंपा। यह नोटिस कांग्रेस के चीफ व्हिफ कोडिकुनील सुरेश और व्हिप मोहम्मद जावेद अहमद द्वारा लोकसभा के सचिव उत्पल कुमार सिंह को दोपहर 1:14 बजे सौंपा गया। यह कदम संसद के निचले सदन में लगातार हो रहे हंगामे और स्थगनों के बीच उठाया गया।

Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ No-confidence motion का समर्थन

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लगभग 119 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। जिसमें कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, DMK और वामपंथी दलों के सदस्य शामिल हैं। डीएमके के केटीआर, सपा की डिंपल यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं। टीएमसी के सदस्यों ने अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि आरोपों में से एक उनको बोलने अनुमिति नहीं दिए जाने में से एक है। प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। लेकिन विपक्ष के पास इससे कहीं ज्यादा हैं।

विपक्ष के Lok Sabha Speaker Om Birla पर आरोप

राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न देना : राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गाँधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। जिसे विपक्ष ने लोकतान्त्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

बीजेपी सांसदों पर कार्रवाई न करना : एक बीजेपी सांसद ने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर व्यक्तिगत हमला किया। लेकिन विपक्ष की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Lok Sabha Speaker Om Birla की टिप्पणियां :लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में कहा कि उनके पास “कंक्रीट जानकारी” जानकारी है कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट की तरफ बढ़ सकते हैं और कुछ अप्रत्याशित कार्य कर सकते हैं। विपक्ष ने इसे लोक सभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद का दुरूपयोग बताया।

सांसदों का निलंबन : हाल ही में 8 विपक्षी सांसदों को अशोभनीय व्यवहार के लिए निलंबित किया गया। जिनमें 7 कांग्रेस पार्टी के थे।

महिला सांसदों का आरोप : 9 फरवरी 2026 को 8 महिला कांग्रेस सांसदों ने Lok Sabha Speaker Om Birla को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें मोदी सरकार का विरोध करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ संविधान की धारा

No-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birlaयह प्रस्ताव संविधान के अनुछेद 94 (सी) के तहत लाया गया। जिसमे लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए कम से कम 14 दिनों का नोटिस देना जरूरी है। प्रस्ताव पास होने के लिए लोकसभा के सभी मौजूदा सदस्यों के बहुमत की जरूरत होती है।

भाजपा और मोदी सरकार की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रस्ताव को विपक्ष की हताशा और संसद में अव्यवस्था फैलाने का प्रयास बताया।  मुख्य प्रतिक्रियाएं :

  • बीजेपी की वरिष्ठ महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ॐ बिरला को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 फरवरी 2026 को विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट को घेर लिया, स्पीकर की मेज पर चढ़ गए और कागज फाड़े। जिससे पीएम मोदी की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। महिला सांसदों ने स्पीकर के संचालन की सराहना की।
  • संसद में आरोप : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खुद विपक्ष पर प्रधानमंत्री को धमकी देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। भाजपा ने कहा कि विपक्ष संसद की कार्रवाई को बाधित कर रहा है।
  • भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि Lok Sabha Speaker Om Birla निष्पक्ष रूप से काम कर रहे हैं।
  • TMC ने न तो प्रस्ताव का विरोध किया और न ही हस्ताक्षर किए। जिससे विपक्ष में कुछ विभाजन दिख रहा है।

क्या पद से हटाए जाएंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ?

अविश्वास प्रस्ताव की जांच सचिवालय द्वारा की जाएगी। इसे नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। चूंकि भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत है ऐसे में प्रस्ताव पास होने की संभावना बहुत कम है। लेकिन यह विपक्ष की एकजुटता और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ असंतोष जाहिर करता है। इससे पहले कभी भी लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हुआ।

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