Gujarat Police: CAG की रिपोर्ट में गुजरात पुलिस के पास से 2300 किलोग्राम से अधिक ड्रग गायब होने का खुलासा हुआ है। यह मामला 26 मार्च को गुजरात विधानसभा में पेश कैग की रिपोर्ट में सामने आया।
CAG की रिपोर्ट के खुलासे
- अक्टूबर 2022 से जुलाई 2023 तक गुजरता पुलिस ने 6510.54 किलोग्राम ड्रग जब्त किया।
- इसमें से 4177.86 किलोग्राम नष्ट किया गया।
- बाकि 2332.68 किलोग्राम पुलिस कस्टडी से गायब पाया गया।
कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसी लापरवाही से जब्त ड्रग फिर से अवैध बाजार में पहुंच सकते हैं। जो NDPS मामलों की विश्वसनीयता और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करेगा।
Gujarat Police का तर्क: चूहे खा गए
गुजरात होम डिपार्टमेंट और ADG ऑफिस ने कैग को जवाब देते हुए कारण बताए :
- 144.18 किलोग्राम गांजा चोरी हो गया।
- बाकि बड़ा हिस्सा चूहों ने खा लिया।
- कुछ सुख गए और नमी की वजह से वजन कम हुआ।
Gujarat Police के जवाब से CAG असंतुष्ट
कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने गुजरात पुलिस के इन तर्कों को असंतोष जताते हुए अपर्याप्त माना। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि “चूहे और नमी” का बहाना इतनी बड़ी मात्रा के गायब होने को सही नहीं ठहरा सकता है। कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने सिफारिश की कि :
- जब्त ड्रग के लिए डेडिकेटेड वॉल्ट बनाए जाएं। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के 30 दिनों के अंदर डिस्पोजल की प्रक्रिया पूरी की जाए।
- पुलिस स्टेशनों को स्टॉक की जानकारी रखनी चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस रिपोर्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने टीवी 9 गुजराती की पोस्ट को क्वोट करते हुए एक्स पर लिखा ,” गुजरात पुलिस की कस्टडी से लगभग 2300 किलोग्राम ड्रग्स को चूहे खा गए। ये किसे बेवकूफ बना रहे हैं। लगभग 35 %जब्त किए हुए ड्रग्स पुलिस की रखवाली से ही गायब हो गए। इस गायब हुई ड्रग से कितने तस्करों को सप्लाई हुई ? भाजपा के सरंक्षण ने गुजरात के हर कोने में ड्रग फ़ैल रही है और जिंदगियां बर्बाद हो रही हैं। ”
केजरीवाल ने इसे बीजेपी सरकार की ड्रग तस्करी में सरंक्षण और लापरवाही का सबूत बताया। गुजरात सरकार जीरो टॉलरेंस पालिसी का दावा करती है लेकिन यह रिपोर्ट उस पर सवाल खड़े कर रही है।
पाकिस्तान बॉर्डर से आती है ड्रग
गुजरात ड्रग तस्करी का बड़ा रूट माना जाता है। पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रग आने के कई मामले सामने आये हैं। CAG की रिपोर्ट से साफ है कि जब्त ड्रग्स की सुरक्षा में प्रशासनिक और सुरक्षा लापरवाही हुई। जिससे लाखों-करोड़ों रुपए के ड्रग्स फिर से सड़कों पर पहुंच सकते हैं। सरकार इस मामले [पर विस्तृत जवाब नहीं दे पाई है। विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है।




