राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने नूपुर शर्मा के ब्यान पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने जो कहा गया है वह सोचने का विषय है। इन दो जजों के अलावा चार जजों ने भी देश के लोकतंत्र को खतरे में बताया था।
सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार के दिन न्याय व्यवस्था और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने ने कहा कि वर्तमान में देश के अंदर तनावपूर्ण और हिंसा का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पीएम मोदी को चाहिए कि वे हिंसा के खिलाफ देश को संबोधित करें। अगर वह अपील करेंगे तो लोग उनकी बात जरूर सुनेंगे। अपने संबोधन के दौरान गहलोत ने न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
नूपुर शर्मा पर सवाल
उन्होंने पिछले दिनों नूपुर शर्मा मामले में टिपण्णी करने वाले दो जजों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। सीएम गहलोत ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के दो जजों द्वारा कहा गया है उसे सोचना और समझना चाहिए। इन दोनों न्यायाधीशों ने न केवल देश की स्थिति के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की थी , बल्कि इसके बावजूद भी देश के 116 लोगों ने , जिनमें पूर्व न्यायाधीश भी शामिल थे , ने बयान दिया। मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्यों किया।
सुप्रीम कोर्ट
अशोक गहलोत ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट के जजों ने खुलेतौर पर अपनी बात रखी हो। इससे पहले भी सर्वोच्च अदालत के चार न्यायाधीश देश के सामने आए थे। उन्होंने कहा था की लोकतंत्र खतरे में है।
गहलोत ने ये बातें , राजस्थान के जयपुर में आयोजित 18 वीं भारतीय क़ानूनी सेवा प्राधिकरण की बैठक में कही। इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जज ,राजस्थान हाई कोर्ट के जज और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू भी शामिल थे।
हॉर्स ट्रेडिंग पर बोले
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के कई राज्यों में सरकारें तोड़ने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कहा-आज देश के हालात गंभीर हैं। देखिए, कैसे कर्नाटक , मणिपुर , गोवा , मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सरकारें गिराई गई। यहां की राजस्थान सरकार को भी अस्थिर करने की कोशीश की गई। ये लोग हैरान हैं कि आखिर मैं कैसे बच गया। देश में जो हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकारें बदली जा रही हैं, वह बेहद चिंताजनक विषय है।
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