Adani wants to take over Anil Ambani companies: अनिल अंबानी ने दिल्ली हाई कोर्ट में NDTV के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
Anil Ambani के Adani पर आरोप
अनिल अंबानी के वकील ने कोर्ट में बताया कि अडानी ग्रुप (जो एनडीटीवी का हिस्सेदार है) उनकी कंपनियों पर कब्जा करना चाहता है। इस लिए एनडीटीवी ने उनके खिलाफ रिपोर्टिंग की है।
अंबानी के वकील ने अदालत को बताया कि पिछले 8 महीने में NDTV 72 निशाना साधने वाले आर्टिकल छापे हैं। ये रिपोर्ट सीबीआई और ईडी की जांच से जुडी हुई है। जिनमें अंबानी का नाम बार बार व्यक्तिगत रूप से जोड़ा गया। भले ही के कंपनियों से संबंधित था।
Anil Ambani ने Adani पर इमेज खराब करने के आरोप लगाए
वकील में हाई कोर्ट में कहा कि एनडीटीवी की ये रिपोर्ट्स बाजार में दहशत फैलाने, पब्लिक परसेप्शन खराब करने और रिलायंस इंडस्ट्री की इमेज खराव करने तथा अडानी ग्रुप की शिकारी नीति मदद पहुंचाने के लिए थी।
मामले में कोर्ट का रुख
हाई कोर्ट ने NDTV के सीईओ, एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल को नोटिस जारी कर दिया है। फ़िलहाल अनबनी को अंतरिम राहत नहीं दी गई है। न ही एनडीटीवी की रिपोर्टिंग पर रोक लगी है। अंबानी ने डैमेज के रूप में करोड़ों रुपए की डिमांड की है।
क्या है पूरा मामला ?
अनिल अंबानी की Reliance Group (Reliance Communications – RCom, Reliance Power, Reliance Infrastructure आदि) पर पिछले कई महीनों से ED और CBI की जांच चल रही है:
- अनिल अंबानी पर बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्डरिंग के आरोप।
- 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की कई कंपनियों पर रेड की।
- ईडी ने अनिल अंबानी की हजारों करोड़ रुपए की कई संपत्तियां अटैच की।
- अंबानी खुद ED के सामने पेश हुए उनके कुछ पूर्व एग्जिक्यूटिव्स गिरफ्तार हुए।
अंबानी की प्रतिक्रिया
अनिल अंबानी इन आरोपों से इंकार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है।
अंबानी अडानी मामले में NDTV की भूमिका
NDTV ने इन जांचों को खबरें लगातार कवर की हैं। जिनमें अंबानी का नाम प्रमुखता से लिया गया। अडानी ग्रुप 2022-23 के आसपास NDTV का बहुमत शेयर होल्डर बना। इस लिए अंबानी इसे बायस्ड बता रहे हैं।
केस से जुडी अहम बातें
- यह एक सिविल डिफेमेशन सूट है। कोर्ट ने प्रेस फ्रीडम का हवाला देते हुए तुरंत रिपोर्टिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
- बानी पक्ष का तर्क है कि रिपोर्टिंग “targeted” और “malicious” है, जबकि मीडिया पक्ष इसे न्यूज रिपोर्टिंग बताएगा
- यह अंबानी बनाम अडानी ग्रुप के बीच चल रहे बिजनेस/कॉरपोरेट टेंशन का हिस्सा लगता है।

