Ankita Bhandari case: 3 को उम्रकैद, VIP राज्यपाल बने, परिवार का विरोध

Ankita Bhandari case: 3 को उम्रकैद, VIP राज्यपाल बने, परिवार का विरोध

Ankita Bhandari case: कोटद्वार कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद सुनाई। परिवार ने दिल्ली में कथित VIP दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति का विरोध किया। पूरा अपडेट पढ़ें

अंकिता भंडारी केस में कोटद्वार कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद सुनाई। परिवार अब भी न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

Ankita Bhandari case: 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने तीनों दोषियों—रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को कठोर आजीवन कारावास की सजा दी। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया।

घटना 18 सितंबर 2022 की है, जब 19 वर्षीय अंकिता, जो यमकेश्वर के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, लापता हो गईं। कुछ दिन बाद उनका शव ऋषिकेश के पास चीला नहर से बरामद हुआ।

Ankita Bhandari case: क्या था आरोप?

पुलिस और अभियोजन का आरोप था कि अंकिता ने रिसॉर्ट में VIP मेहमान को “एक्स्ट्रा सर्विस” देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों ने उनकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया। एसआईटी ने करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई में 47 गवाहों की गवाही हुई।

कोर्ट ने पुलकित आर्य को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छिपाना), 354ए (यौन उत्पीड़न) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। सौरभ और अंकित को भी हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी पाया गया। तीनों को कठोर उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया। परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया।

अंकिता का परिवार अब भी अधूरा न्याय मानता है

अंकिता के माता-पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। वे शुरू से फांसी की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि “मौत के बदले मौत” चाहिए।

अब मामला फिर चर्चा में है। परिवार का आरोप है कि हत्याकांड में एक “VIP” की भूमिका थी, जिसकी पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई। दिसंबर 2025 में कुछ वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम चर्चा में आया। परिवार ने उन्हें कथित VIP बताया। गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।

12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया। इसी के विरोध में अंकिता के माता-पिता 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग की। राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी परिवार से मुलाकात की। पुलिस ने रात में माता-पिता को हिरासत में लिया, लेकिन सुबह रिहा कर दिया।

भंडारी परिवार की मांग

अंकिता के पिता ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। मां सोनी देवी ने कहा कि जब तक नियुक्ति रद्द नहीं होती, वे संघर्ष जारी रखेंगे। परिवार चाहता है कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी तरह हो और दोषियों को सबसे सख्त सजा मिले।

यह मामला सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि युवा लड़कियों की सुरक्षा, शक्तिशाली लोगों की जवाबदेही और न्याय व्यवस्था की परीक्षा बन गया है। कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद सुना दी है, लेकिन परिवार की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। वे दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं।

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