Archer Sheetal Devi world champion: भारत की 18 वर्षीय तीरंदाज शीतल देवी ने 2025 में विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया। उन्होंने यह उपलब्धि 27 सितंबर 2025 को दक्षिण कोरिया के ग्वांजू में हासिल की।
शीतल देवी का तीर चलाने का अंदाज
Archer Sheetal Devi के दुर्लभ बीमारी Phocomelia के कारण जन्म से हाथ नहीं हैं। उन्होंने अपने पैरों और ठोड़ी का उपयोग कर का उपयोग करके तीरंदाजी की तकनीक विकसित की। उन्होंने तुर्की की नंबर 1 खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियनओजनर क्योर गिरडी (Oznur Cure Girdi ) को फाइनल में 146-143 के स्कोर से हराया। अंतिम तीन सेट में शीतल ने परफेक्ट 10 स्कोर किए।
Archer Sheetal Devi का पहला विश्व चैंपियन पदक
यह उनका पहला विश्व चैंपियन स्वर्ण पदक था। जो बिना हाथों वाली पहली महिला तीरंदाज बनीं जिन्होंने पैरा विश्व चैंपियनशिप में यह पदक जीता। इस चैंपियनशिप में उन्होंने कुल तीन पदक जीते थे।
- व्यक्तिगत कंपाउंड में गोल्ड मेडल
- महिला ओपन टीम में सरिता के साथ रजत पदक जीता।
- तोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम कंपाउंड में कांस्य पदक जीता

इस जीत पर पुरे देश ने उन्हें बधाई दी। कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा ,”विश्व चैंपियन, विश्व खिताब हमारा है। पुरे दिल से, अपने देश के लिए। ” जो शीतल की भावनाओं को बयान करता है।
आनंद महिंद्रा ने की विश्व चैंपियन की जमकर तारीफ
मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने शीतल देवी के ट्वीट को क्वोट करते हुए लिखा ,”शीतल देवी ! आप हमारे दिलों की भी चैंपियन हैं। हमे हमेशा गर्व महसूस कराने के लिए धन्यवाद। ” इस तरह दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने शीतल की खुलकर तारीफ की और धन्यवाद कहा। आनंद महिंद्रा के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने उनकी तारीफ की और कहा कि पुरे देश को उनपर गर्व है।
Archer Sheetal Devi की पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
- जन्म : 10 जनवरी 2007, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में पैदा हुई।
- शुरुआत : भारतीय सेना की मदद से तीरंदाजी की शुरुआत की।
- 2023 में विश्व पैरा चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- 2024 पेरिस पैरा ओलंपिक्स के मिक्सड टीम कंपाउंड में कांस्य पदक जीता।
- उन्हें 2023 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
- 2025 में पहली भारतीय पैरा तीरंदाज चैंपियन बनीं। राष्ट्रीय टीम में चुनी गई और एशिया कप में हिस्सा लिया।
लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी शीतल देवी
शीतल देवी की कहानी हिम्मत लगन और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं इरादों के सामने कुछ नहीं हैं। देश को उनपर गर्व है।





