निकहत ज़रीन ने IBAWWC में थाईलैंड की बॉक्सर जितपोंग जुतामास को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल जीता

भारतीय महिला मुक्केबाज निकहत ज़रीन ने इंस्तांबुल में थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर देश का नाम रोशन किया है। इसी के साथ ही ज़रीन ऐसी पांचवीं भारतीय मुक्केबाज बन गई हैं जिन्होंने IBAWWC में गोल्ड मेडल जीता है।

भारत की उभरती हुई बॉक्सर तुर्की के इंस्तांबुल में थाईलैंड की जिटपोंग जुतामास  को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है। गुरुवार के दिन खेले गए फाइनल मैच में ज़रीन ने जिटपोंग जुतामास को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। निकहत ने यह गोल्ड मेडल 52 किलोग्राम भार वर्ग में जीता है। इसी के साथ ही निकहत ज़रीन विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पांचवीं भारतीय मुक्केबाज बन गई है।

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बॉक्सिंग मुकाबले के फाइनल में जजों ने निकहत के पक्ष में 30-27, 29-28 , 29-28 , 30-27 और 29-28 का फैसला दिया। फाइनल में शानदार जीत से पहले ज़रीन ने अपने हर मुकाबले को शानदार तरीके से जीता।

जूनियर विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप की विजेता रह चुकी निकहत ज़रीन ने इससे पहले सेमीफइनल मुकाबले में ब्राज़ील की कैरोलिना डी अलमेडा 5-0 से हराकर फाइनल में परवेश किया था।

पांचवीं भारतीय बॉक्सर

निकहत ज़रीन से पहले यह रिकॉर्ड 6 बार एमसी मैरीकॉम ने बनाया है। उन्होंने 2002 , 2005 , 2006 ,2008 , 2010 और 2018 विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। इसके अलावा , सरिता देवी ने 2006 में , जेनी आएल ने 2006 में , लेखा केसी ने 2006 ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अलग-अलग भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता।

निकहत ज़रीन के गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही साल 2022 की विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप का समापन हो गया। ज़रीन के अलावा दो अन्य भारतीय मुक्केबाजों ने इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीते हैं। भारतीय महिला बॉक्सर मनीषा मौन ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में और परवीन हुड्डा ने 63 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीते हैं।

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