मुझे चुनाव लड़ने से रोकने के लिए बीजेपी अपना रही है तानाशाही रवैया:तेज बहादुर यादव

पूर्व बीएसएफ बर्खास्त जवान और समाजवादी पार्टी उम्मीदवार तेज बहादुर यादव ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप। दावा, चुनाव अधिकारीयों को सौंप दिए थे आवश्यक दस्तावेज।

वाराणसी से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन पत्र रद्द हो गया है। अब सुप्रीम कोर्ट जाने की कर रहे हैं तैयारी। नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने दावा किया है कि उन्होंने चुनाव आयोग को सभी आवश्यक दस्तावेज दे दिए थे। तेज बहादुर ने अपना नामांकन रद्द होने पर खेद जताते हुए कहा ,”मैंने बीएसएफ में रहते हुए उन्ही मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई है जिनको मैंने गलत पाया। मैंने न्याय की आवाज को उठाने के लिए वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला किया। अगर मेरे नामांकन पत्र में कोई समस्य थी तो आजाद उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करते समय उन्होंने किसी त्रुटि के बारे में क्यों नही बताया।”

तेज बहादुर यादव ने बीजेपी पर चुनाव लड़ने से रोकने के लिए तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। तेज बहादुर ने कहा,”मेरे दादा जी आजाद हिंद फ़ौज के साथ रहे थे। मैं एक किसान का बेटा हूं। मैंने एक जवान के रूप में देश की सेवा की है। मैं अब चुनाव नही लड़ सकता यह तानाशाही है।”
पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द
आपको बता दें,तेज बहादुर यादव ने 24 अप्रैल को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा था और 29 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर। तेज बहादुर यादव ने दोनों नामांकनों में बीएसएफ से बर्खास्तगी को लेकर अलग-अलग जानकारी भरी थी। निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद तेज बहादुर यादव को नोटिस भेजा गया। नोटिस में तेज बहादुर यादव को NOC लगाने के लिए कहा गया। वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह के अनुसार जनप्रतिनिधितव कानून की धारा 9 और 33 के तहत तेज बहादुर यादव का नामांकन पत्र समय पर दस्तावेज नही देने के कारण रद्द किया गया।

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