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Boxer Preeti Pawar biography, प्रीति पवार: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय बॉक्सर की पूरी कहानी

Boxer Preeti Pawar Hindi biography

Boxer Preeti Pawar Hindi biography:  ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की बॉक्सिंग स्पर्धा में भारत को गोल्ड मैडल दिलाने वाली मुक्केबाज प्रीती पवार की हिंदी जीवनी पढ़ें।

Preeti Pawar Boxer Biography in Hindi

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत को बॉक्सिंग में पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाली प्रीति पवार आज पूरे देश में सुर्खियों में हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित इन खेलों में प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। आइए जानते हैं प्रीति पवार की उम्र, शिक्षा, परिवार, करियर, मेडल्स और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से।

प्रीति पवार कौन हैं? (Who is Boxer Preeti Pawar)

प्रीति पवार एक भारतीय महिला मुक्केबाज हैं, जो हरियाणा के भिवानी जिले से ताल्लुक रखती हैं। भिवानी को भारतीय मुक्केबाजी की “नर्सरी” कहा जाता है, क्योंकि इस जिले ने देश को कई बेहतरीन बॉक्सर दिए हैं। प्रीति ने अपनी दमदार पंचिंग और आक्रामक खेल शैली से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया।

प्रीति पवार की उम्र और जन्म (Preeti Pawar Age and Date of Birth)

प्रीति पवार का जन्म 23 अक्टूबर 2003 को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ था। इस हिसाब से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समय उनकी उम्र 22 साल है। कम उम्र में ही इतने बड़े मंच पर गोल्ड मेडल जीतना उन्हें भारतीय बॉक्सिंग की उभरती हुई सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक बनाता है।

प्रीति पवार का परिवार (Preeti Pawar Family)

प्रीति पवार के पिता सोमवीर पवार हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और वे खुद एक पूर्व कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं। उनकी मां शामिनी देवी भी एक पूर्व एथलीट हैं, यानी खेलों का माहौल प्रीति को घर से ही विरासत में मिला। बताया जाता है कि आमिर खान की चर्चित फिल्म “दंगल” देखने के बाद पिता सोमवीर ने अपनी बेटी को खेलों में आगे बढ़ाने का फैसला किया और पहलवान साक्षी मलिक की ओलंपिक पदक जीत ने भी उन्हें प्रेरित किया।

हालांकि, प्रीति को बॉक्सिंग में शुरू करने का असली श्रेय उनके चाचा विनोद को जाता है, जो खुद एक पूर्व राष्ट्रीय पदक विजेता और कोच रहे हैं — उन्हीं की प्रेरणा से प्रीति ने 14 साल की उम्र में पहली बार बॉक्सिंग ग्लव्स पहने।

दिलचस्प बात यह है कि बचपन में प्रीति की बॉक्सिंग में बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। 14 साल की उम्र तक उनका पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर ही केंद्रित था।

प्रीति पवार की शिक्षा (Preeti Pawar Education)

प्रीति पवार की शुरुआती पढ़ाई हरियाणा के भिवानी में ही हुई। पढ़ाई में अच्छी होने के बावजूद, परिवार और चाचा की प्रेरणा से उन्होंने किशोरावस्था में बॉक्सिंग को अपना करियर चुना। अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर प्रीति पवार को भारतीय सेना (Indian Army) में जूनियर अधिकारी के रूप में सीधा कमीशन (direct commission) मिला। वे खेल के आधार पर भारतीय सेना में सीधे जूनियर ऑफिसर के तौर पर कमीशन पाने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर मानी जाती हैं — यह उपलब्धि उनकी शिक्षा और अनुशासन दोनों को दर्शाती है।

प्रीति पवार की नेट वर्थ (Preeti Pawar Net Worth)

प्रीति पवार की सटीक नेट वर्थ को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एक इंडियन आर्मी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सर होने के नाते उनकी आय के मुख्य स्रोत सेना में मिलने वाला वेतन, खेल मंत्रालय व राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाली पुरस्कार राशि (cash rewards), स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट माने जाते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से पुरस्कार राशि मिलने की संभावना है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है।

प्रीति पवार के मेडल और उपलब्धियां (Preeti Pawar Medals and Achievements)

प्रीति पवार का करियर उपलब्धियों से भरा हुआ है:

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 फाइनल में प्रीति ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। दूसरे राउंड में सभी पांचों जजों ने उनके पक्ष में 10-9 का स्कोर दिया, जिससे वे 20-18 की बढ़त पर पहुंच गईं और अंततः सर्वसम्मति से विजेता घोषित हुईं। यह जीत भारत का इन खेलों में छठा गोल्ड मेडल था। प्रीति की जीत के तुरंत बाद जैस्मिन लंबोरिया ने भी 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को बॉक्सिंग में डबल गोल्ड दिलाया।

प्रीति पवार की रैंकिंग

प्रीति पवार को विश्व मुक्केबाजी में शीर्ष रैंकिंग वाली खिलाड़ियों में गिना जाता है, और उन्हें दुनिया की सबसे मजबूत बॉक्सरों में से एक माना जाता है।

भिवानी की एक साधारण पुलिस अधिकारी की बेटी से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग का पहला गोल्ड मेडल जीतने तक, प्रीति पवार का सफर संघर्ष, अनुशासन और परिवार के सहयोग की मिसाल है। भारतीय सेना में अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियन बॉक्सर — प्रीति पवार आज लाखों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

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