बुलंदशहर: गौ हत्या के विरोध में इंस्पेक्टर की मौत,सोशल मीडिया पर मचा बवाल

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बुलंदशहर हिंसा केस में यूपी पुलिस ने 38 लोगों को हिंसा का आरोपी बनाया।इनमें से पांच को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया।
बुलंदशहर हिंसा केस में यूपी पुलिस ने 38 लोगों को हिंसा का आरोपी बनाया।इनमें से पांच को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया।

नई दिल्लीः बुलंदशहर के स्याना पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले महाव  इलाके में सुबह से ही गौ हत्या को लेकर विरोध चल रहा था। विरोधस्वरूप हिंदू  युवा वाहिनी और बजरंग दल के कारकर्ताओं ने गोवंशों के अवशेष  हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। 

बुलंदशहर पुलिस ने भीड़ को तीतर भीतर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।पुलिस के बलप्रयोग से लोग भड़क उठे और पथराव शुरू कर  दिया। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार इस दंगे में गोलीबारी की भी सुचना मिली है। जिसको अनजान लोगों ने अंजाम दिया। पथराव और गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों समेत एक ग्रामीण के भी घायल होने की सुचना मिली है।

भड़के हुए दंगे में घायल इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को औरंगाबाद सरकारी अस्पताल लाया गया,जहां डाक्टरों ने उन्हें  मेडिकल जाँच के बाद मृत  घोषित कर दिया। इस घटना की सुचना मिलते ही डीआईजी मेरठ जोन ,डीएम,एसएसपी और नजदीकी थानों की पुलिस पहुंच गई।

हालाँकि कई  अला अधिकारीयों और समाचार एजेंसियों ने मृतक इंस्पेक्टर की मौत का कारण पथरबाजी बताया है लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल  वीडियो में कुछ और ही नजर आ रहा है।

चलिए आपको बताते हैं कौन है इस दंगे का असली मास्टरमाइंड? फैसला खुद करें।

एक न्यूज़ चैनल का ट्वीट

उतरप्रदेश पूर्व कांग्रेस का ट्वीट जिसमें  वीडियो के साथ दिखाया गया

 

The #Bulandshahr violence has not occurred in isolation. Last year, a mob comprising the VHP, Bajrang Dal and the Hindu Yuva Vahini (floated by the Yogi) attacked a police station in Agra, to ‘liberate’ its cadre. https://t.co/UeSQGOCztA

 

 

 

तोड़ मरोड़ कर  जो दिखाया और बताया गया है वो हमारा काम है। इस दुर्घटना को आप किस तरिके से देखते समझते सोचते हैं ये आपका काम है। इंसान मरे या जानवर दर्द होना चाहिए। नहीं तो हम इंसान हैं या जानवर क्या फर्क पड़ता है।

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